मुजफ्फरपुर के अस्पताल में लगी आग के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार आज सुबह जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के साथ पटना से दिल्ली रवाना हो गए। इसबीच पटना एयरपोर्ट पर जब पत्रकारों ने उनसे मुजफ्फरपुर के अस्पताल में लगी आग पर सवाल पूछे तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसको लेकर अब बिहार में सियासत भी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बताया जाता है कि जब पत्रकारों ने स्वास्थ्य मंत्री से मुजफ्फरपुर की घटना पर सवाल किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। संजय झा भी मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना निकल गए।
इसके बाद, विपक्षी दलों ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की चुप्पी पर प्रश्न उठाते हुए कहा सरकार कितनी असंवेदनशील है इसकी मिसाल राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के आचरण से साबित हो जाता है। उन्होंने इसपर कुछ भी कहना मुनासिब नहीं समझा और चुप्पी साधकर दिल्ली निकल गए। राजद प्रवक्ता मृत्यूंजय तिवारी ने कहा कि अस्पताल मेंं इतने लोगों की आग से मौत हो गई, और स्वास्थ्य मंत्री ने एक शब्द नहीं कहा। इससे पता चलता है कि बिहार की एनडीए सरकार आम लोगों के प्रति कितनी असंवेदनशील है। वहीं कांग्रेस नेता और सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कहीं आग लग रही है और कहीं चोरी डकैती हो रही है, इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।
राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि मुजफ्फरपुर के अस्पताल में आग लगने के बाद लोगों की जान चली गई। सरकार को संवेदनशील होना चाहिए। दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। आखिर किसकी गलती के कारण ऐसी घटना हुई? स्वास्थ्य मंत्री से जब इस पर सवाल पूछा जाता है तो चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने कहा कि ये संवेदहीनता की प्रकाष्ठा है। जिस विभाग के निशांत कुमार मंत्री हैं उनको संवेदना के रूप में दो शब्द कहना चाहिए था। इसबीच खबर है कि बाद में निशांत कुमार के सोशल हैंडल एक्स पर मैसेज जारी कर लिखा कि—’मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में आग लगने से कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है। इस हादसे से प्रभावित परिवारों के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं’।