-12 दिन पहले गहरे कुएं से रेस्क्यू किया गया था, रविवार को हुई मौत, ग्रामीणों ने पूरे सम्मान के साथ किया दाह संस्कार
नवादा : जिले के मेसकौर प्रखंड अंतर्गत सीतामढ़ी थाना क्षेत्र के बेलवान गांव में अंधे सांड की मौत के बाद ग्रामीणों ने उसकी अंतिम विदाई धार्मिक रीति-रिवाज और पूरे सम्मान के साथ दी। सांड की मौत की सूचना मिलते ही गांव में शोक का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने उसे भगवान शिव के वाहन नंदी का स्वरूप मानते हुए ढोल-नगाड़ों और “हर-हर महादेव” व “बोल बम” के जयघोष के बीच अंतिम यात्रा निकालकर दाह संस्कार किया।
ग्रामीणों ने बताया कि 14 जुलाई, मंगलवार की शाम अंधा सांड गांव के गहरे कुएं में गिर गया था। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम तथा रजौली अग्निशमन विभाग के जवान मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद सांड को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाला गया। इसके बाद ग्रामीण उसे एक सुरक्षित स्थान पर ले गए। हालांकि उसका कोई चिकित्सीय इलाज नहीं कराया जा सका।
समय बीतने के साथ उसकी हालत लगातार कमजोर होती गई और रविवार, 26 जुलाई को उसकी मौत हो गई। सांड की मौत के बाद पूरे गांव के लोग एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने उसके शव को एक वाहन पर रखा तथा उसे “हर-हर महादेव” लिखा हुआ वस्त्र ओढ़ाया। साथ ही वाहन पर बोल बम का ध्वज लगाकर विधिवत पूजा-अर्चना की।
इसके बाद ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की धुन और “हर-हर महादेव”, “बोल बम” के जयघोष के साथ उसकी अंतिम यात्रा निकाली। बड़ी संख्या में ग्रामीण इस अंतिम यात्रा में शामिल हुए। निर्धारित स्थान पर पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ सांड का अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सांड को भगवान शिव के वाहन नंदी के रूप में मानते हैं। इसी आस्था के कारण उसकी मृत्यु के बाद उसे पूरे सम्मान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम विदाई दी गई। बेलवान गांव में इस अनोखे अंतिम संस्कार की चर्चा पूरे क्षेत्र में होती रही।
भईया जी की रिपोर्ट