पटना : बिहार की सियासत में ‘बयानयुद्ध’ अब अगली पीढ़ी तक पहुँच गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार द्वारा लालू-राबड़ी शासनकाल पर किए गए तंज ने राज्य का सियासी पारा चढ़ा दिया है। निशांत के दावों पर पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़ों के जरिए नीतीश सरकार को घेरा और राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
जदयू नेता निशांत कुमार ने अपने पिता नीतीश कुमार के कार्यकाल की सराहना करते हुए पुराने दौर की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार दंगा और हिंसा के दौर से गुजर रहा था। निशांत ने दावा किया कि नीतीश कुमार ने सत्ता संभालने के बाद राज्य की पूरी तस्वीर बदल दी और हिंसा पर लगाम लगाई। उन्होंने कहा कि पिताजी ने ही बिहार को अराजकता वाली पहचान से बाहर निकाला।
निशांत कुमार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने उन्हें आंकड़ों के आईने में हकीकत देखने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने नीतीश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि 2005 से 2025 के बीच बिहार में क्राइम रेट में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। आज बिहार अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे नंबर पर आता है। 2005 से पहले ऐसी संगठित गुंडागर्दी और अपराध नहीं होता था, जैसा आज नीतीश जी के राज में हो रहा है।
तेजस्वी ने कहा कि उन्होंने सदन में भी डेटा प्रस्तुत किया है जो बताता है कि मौजूदा सरकार के दौरान आपराधिक वारदातें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज अपराध ‘ऑर्गेनाइज’ तरीके से हो रहा है। मीडिया द्वारा बिहार में सम्राट मॉडल लागू होने के सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अब कोई मॉडल चलने वाला नहीं है। जनता इस सरकार की विफलताओं से त्रस्त है। राज्य में गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है।