– नीट मामले पर राहुल गांधी के बयान को जेडीयू ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, कहा – शिक्षा मंत्रालय उठा रहा कड़े कदम
पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानों के तीर तेजी से चल रहे हैं। एक तरफ पटना के 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को खाली करने के नोटिस पर पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी आर-पार के मूड में हैं, तो दूसरी तरफ नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष में तलवारें खिंची हुई हैं। इन दोनों ही मुद्दों पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लिया है।
राबड़ी देवी को सर्कुलर रोड स्थित आवास नंबर 10 खाली करने का नोटिस मिलने के बाद उन्होंने साफ कह दिया कि बंगला खाली नहीं करेंगी, सरकार चाहे तो फोर्स बुला ले। इसके बाद जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने आज यानी सोमवार को तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कि अगर नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्हें कोई वैकल्पिक बंगला आवंटित किया गया है, तो राबड़ी देवी को पुराने बंगले के प्रति अपना मोह छोड़ देना चाहिए और नए आवास में शिफ्ट हो जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि आरजेडी को अब जनहित से जुड़े मुद्दों पर काम करना चाहिए, बंगला और संपत्ति का मोह नहीं रखना चाहिए। वहीं, राजीव रंजन ने पार्टी पर तीखा तंज करते हुए कहा कि जिसने आज पार्टी को विधान सभा चुनाव में 25 सीटों पर लाकर खड़ा कर दिया है। पार्टी की साख और विश्वसनीयता आज सवालों के घेरे में है। उन्हें, मोह छोड़कर आरजेडी को अब नए तरीके से और नई रणनीति के साथ काम करने की जरूरत है।
दूसरी ओर, नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा था कि ‘अगर पीएम मोदी नीट मामले की जांच की निगरानी कर रहे हैं, तो उन्होंने पेपर लीक की भी व्यक्तिगत निगरानी की होगी।’
राहुल गांधी के इस बयान पर जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने पलटवार करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी तंत्र पर लगातार सवाल खड़े करके उसकी विश्वसनीयता को खंडित करने का प्रयास करते रहे हैं। यह कोई पहली बार नहीं है, इससे पहले भी वे अनेक अवसरों पर देश की तमाम संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाते रहे हैं। अब पूरी परीक्षा प्रणाली को लेकर जिस तरह से उनके ताबड़तोड़ बयान आ रहे हैं, वह ठीक नहीं है।
वहीँ, सरकार का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में जो भी कदाचार की शिकायतें आई है या कुछ और भी मामला रहा है, उन सभी मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में भारत सरकार लगातार कड़े कदम उठा रही है। इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच चल रही है, कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और यह पूरा प्रकरण जल्द ही एक तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचेगा। राहुल गांधी को किसी भी तरह के भ्रम में नहीं रहना चाहिए।