बिहारशरीफ : बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वाले गिरोह एक बार फिर सक्रिय हैं, लेकिन नालंदा पुलिस की मुस्तैदी ने नीट (NEET) परीक्षा में ‘सॉल्वर’ बैठाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने एक अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुजफ्फरपुर के एक एमबीबीएस छात्र समेत तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 2.95 लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और दर्जनों एडमिट कार्ड के साथ ही दो लग्जरी गाड़ियां (स्कॉर्पियो और ब्रेजा) भी बरामद की गई हैं।
राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 3 मई को होने वाली नीट परीक्षा के मद्देनजर पुलिस रात में सघन वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। 2 मई की रात करीब 1:45 बजे पावापुरी मोड़ के पास पुलिस को देखकर दो गाड़ियां भागने लगीं। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा। तलाशी के दौरान स्कॉर्पियो के डैशबोर्ड से बड़ी रकम बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवधेश कुमार के रूप में की गई है जो विम्स पावापुरी में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र है,इसके साथ ही अमन कुमार सिंह और पंकज कुमार साह के रूप में हुई है।
आरोपियों के मोबाइल में नीट, एईओ और बीएसएनएल जैसी परीक्षाओं के एडमिट कार्ड और अभ्यर्थियों के साथ लेनदेन के चैट मिले हैं। गिरोह का मुख्य सरगना उज्जवल उर्फ राजा बाबू बताया जा रहा है, जो पावापुरी मेडिकल कॉलेज का छात्र है। उज्ज्वल का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पूर्व में सीबीआई के मामलों में भी नामजद है। फिलहाल वह फरार है।
गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 के पेपर लीक मामले में भी नालंदा के संजीव मुखिया का नाम प्रमुखता से आया था। ताजा मामले में पुलिस अब उन अभ्यर्थियों और अभिभावकों की सूची तैयार कर रही है, जिनके दस्तावेज आरोपियों के पास से मिले हैं। राजगीर डीएसपी सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस की सतर्कता से सॉल्वर परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच सके। पावापुरी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।