नवादा : दुर्गा पूजा के अवसर पर किसी भी जुलूस को नए रास्ते से निकालने की अनुमति अथवा लाइसेंस जारी करने से पहले वहां के वर्तमान सभी निवासियों को विश्वास में लेना बीडीओ एवं थाना प्रभारी की जिम्मेदारी है। इससे जुलूस के गुजरने के दौरान किसी प्रकार की आपत्ति की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी और जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से गुजर सकेगा। साथ ही, इलाके का माहौल भी तनावपूर्ण होने से बचाया जा सकेगा। उक्त बातें मजलिस उलमा वल-उम्मा, जिला नवादा के अध्यक्ष मो. शकील अख्तर ने शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही।

उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर पूजा समिति के लोगों के आग्रह पर नए रास्ते से जुलूस निकालने की अनुमति दे दी जाती है, जिसके बाद सांप्रदायिक माहौल उत्पन्न हो जाता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। कौआकोल थाना में दुर्गा पूजा शांति समिति की बैठक के दौरान कुछ युवाओं ने वहां स्थित कर्बला के रास्ते से दुर्गा पूजा का जुलूस ले जाने की बात कही, जबकि यह रास्ता नया है। अब तक इस रास्ते से दुर्गा पूजा का जुलूस नहीं निकाला गया है। वहां के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए बैठक में मौजूद अधिकारियों से कर्बला वाले रास्ते से जुलूस निकालने का लाइसेंस नहीं देने की मांग की है। यही मांग नवादा सदर एसडीएम एवं डीएसपी पकरीबरावां से भी की गई है।
जिला अध्यक्ष मो० शकील अख्तर ने एसडीएम एवं डीएसपी से मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने जिलाधिकारी से कौआकोल स्थित कर्बला की चहारदीवारी की मरम्मत, घेराबंदी एवं गेट लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जनवरी में कर्बला की चहारदीवारी को अज्ञात लोगों द्वारा तोड़ दिया गया था। शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से अल्पसंख्यक समुदाय को इसकी मरम्मत, घेराबंदी एवं गेट लगाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक इनमें से कोई भी कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने इन सभी कार्यों को जल्द पूरा कराने की मांग की।
मजलिस उलमा वल-उम्मा के महासचिव नौशाद जुबैर मलिक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार सभी त्योहारों में डीजे पर प्रतिबंध लगाया जाता है। इसके बावजूद कुछ जुलूसों में इसका पालन नहीं किया जाता है। पिछले वर्ष रामनवमी जुलूस के दौरान रोह में भी ऐसा देखने को मिला था, जिसके कारण दो समुदायों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। उन्होंने प्रशासन से इस वर्ष डीजे प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराने की मांग की। मजलिस उलमा के कार्यालय सचिव मुफ्ती इनायतुल्लाह कासमी ने कहा कि अल्पसंख्यक क्षेत्र से दुर्गा पूजा का जुलूस गुजरने के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के लोग शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने जुलूस के दौरान सीसीटीवी कैमरा एवं वीडियोग्राफी की व्यवस्था कराने की मांग की, ताकि किसी भी शरारती तत्व द्वारा माहौल खराब करने की कोशिश को रोका जा सके।

भईया जी की रिपोर्ट
