नवादा : जिले में दो भाइयों के बीच हो रहे विवाद को शांत कराने पहुंचे बुजुर्ग नवल सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। करीब साढ़े तीन साल पुराने इस मामले में व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय (एडीजे-III) की अदालत ने विमल कुमार उर्फ डिम्पल को हत्या का दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

घटना 26 जनवरी 2023 की सुबह करीब 8:45 बजे नरहट थाना क्षेत्र के कटघरा गांव में हुई थी। जानकारी के अनुसार, विमल कुमार उर्फ डिम्पल और उसके भाई अरुण सिंह के बीच पारिवारिक विवाद को लेकर झगड़ा हो रहा था। दोनों के बीच हो रही कहासुनी सुनकर गांव के बुजुर्ग नवल सिंह मौके पर पहुंचे। दोनों भाइयों को समझाकर विवाद शांत कराने की कोशिश कर रहे थे। मामले में मृतक के बेटे आनंद कुमार ने सदर अस्पताल में पुलिस को दिए फर्दबयान में घटना की जानकारी दी थी। आरोप के अनुसार, नवल सिंह ने जब बताया कि वह केवल विवाद शांत कराने आए हैं, तभी स्थिति हिंसक हो गई।
इसी दौरान विमल कुमार उर्फ डिम्पल ने कथित तौर पर पिस्तौल निकालकर नवल सिंह के सर में गोली मार दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने के बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद नरहट थाना में कांड संख्या 44/23 के तहत 26 जनवरी 2023 को मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया । मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहम्मद मिस्बाह रसूल ने पैरवी की।
अदालत ने विमल कुमार उर्फ डिम्पल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई वहीं, आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत तीन वर्ष के साधारण कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने का आदेश दिया। जुर्माना जमा नहीं करने पर आदेश के अनुसार छह माह के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान है। करीब साढ़े तीन साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले में अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर दोष तय किया। नवल सिंह दो भाइयों के बीच विवाद रोकने के लिए पहुंचे थे, लेकिन इसी दौरान उनकी हत्या हो गई। अब अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

भईया जी की रिपोर्ट
