नवादा : जिले के रोह के रहने वाले एक ट्रक ऑनर ने रजौली पुलिस पर जब्त ट्रक छोड़ने के एवज में रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। मामला 01 अक्टूबर 2026 का है। जबकि, कोर्ट के आदेश पर ट्रक ऑनर के पिता ट्रक छुड़ाने रजौली थाने गये थे। आरोप है कि वहां कथित रूप से रजौली पुलिस के एक स्टाफ ने उनसे ट्रक रिलीज करने के एवज में 10 हजार रुपये मांगे। बात 07 हजार पर बनी। ट्रक ऑनर के भाई द्वारा उक्त रुपये का भुगतान कथित रूप से उक्त पुलिस स्टाफ के कहने पर किसी और व्यक्ति को यूपीआई से किया गया।

कथित संबंधित वीडियो व यूपीआई भुगतान का स्क्रीन शॉट संलग्न कर इस मामले में पीड़ित धनंजय कुमार ने मगध रेंज के आईजी को आवेदन देकर मामले की जांच कर कार्रवाई की गुहार लगायी है। वीडियो की पुष्टि मैं नहीं करता हूं। आवेदन की प्रति एसपी व रजौली एसडीपीओ को भी भेजी गयी है। एसपी अभिनव धीमान ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में अब तक नहीं आया है।
रजौली एसडीएम व खनन पदाधिकारी की संयुक्त छापेमारी में गिट्टी लदे 16 ट्रकों को अवैध खनन व परिवहन के आरोप में 07 फरवरी 2026 की रात बिहार-झारखंड की सीमा पर रजौली से जब्त किया गया था जिसमें उक्त ट्रक भी शामिल था। हाईकोर्ट में दायर रिट पर 28 अगस्त को उक्त ट्रक पर 09 लाख 27 हजार 819 रुपये जुर्माना तय किया गया। 01 लाख 27 हजार 819 रुपये की पहली किश्त पर ट्रक छोड़ने का आदेश दिया गया था। रुपये जमा करने पर ट्रक ऑनर के पिता ट्रक रिलीज कराने थाने गये थे।
बता दें इसके पूर्व भी रजौली पुलिस बालू लदे ट्रैक्टर व शराब बिक्रेताओं को नाजायज राशि वसूली कर छोड़ने का आडियो – वीडियो के साथ साक्ष्य आइजी को भेजे जाने के साथ सोशल मीडिया पर ख़बरें वायरल होने के बावजूद अबतक कार्रवाई तो दूर जांच तक आरंभ नहीं होने से जिले के लोगों का विश्वास आइजी से समाप्त होने लगा है। ऐसे में उक्त मामले की जांच होगी इसमें भी संदेह बरकरार है।

भईया जी की रिपोर्ट
