नवादा : जिले के रोह प्रखंड में सरकारी डिग्री कॉलेज के लिए जमीन चयन का मुद्दा सोमवार को आंदोलन का रूप ले लिया. प्रस्तावित स्थल से नाराज स्थानीय लोगों ने रोह बाजार बंद करा दिया और बड़ी संख्या में सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। बाजार बंद रहने और मुख्य मार्ग पर प्रदर्शनकारियों के जुटने से कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित हुआ। इसके कारण इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोह में लंबे समय से सरकारी डिग्री कॉलेज की मांग की जा रही है। कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया शुरू होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि इसके लिए प्रखंड मुख्यालय या बाजार के आसपास जमीन का चयन किया जायेगा, लेकिन मुख्यालय से करीब पांच से आठ किलोमीटर दूर सुनसान इलाके में जमीन चिन्हित किये जाने की जानकारी सामने आने के बाद लोगों का विरोध बढ़ गया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि सरकारी डिग्री कॉलेज ऐसी जगह होना चाहिए, जहां छात्र-छात्राएं आसानी से पहुंच सकें. इसके लिए पर्याप्त परिवहन सुविधा का होना भी जरूरी है। ग्रामीण इलाकों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए मुख्यालय के आसपास कॉलेज होने से आवागमन आसान रहेगा। स्थानीय लोगों ने खासकर छात्राओं की सुरक्षा और रोजाना आने-जाने की परेशानी का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि प्रखंड मुख्यालय से दूर और सुनसान स्थान पर कॉलेज होने से छात्राओं को रोजाना आने-जाने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में कॉलेज के लिए मुख्यालय के आसपास जमीन तलाशना अधिक सुविधाजनक होगा।
जमीन चयन के विरोध में स्थानीय लोगों ने दो अक्टूबर को धरना देकर अपनी मांग प्रशासन के सामने रखी थी। इसके बाद सोमवार को बाजार बंद कराकर आंदोलन को आगे बढ़ाया गया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे रोह में सरकारी डिग्री कॉलेज की स्थापना के विरोध में नहीं हैं। उनकी आपत्ति केवल कॉलेज के लिए चुनी जा रही जमीन को लेकर है। लोगों ने प्रशासन से प्रस्तावित स्थल पर दोबारा विचार करने और प्रखंड मुख्यालय के आसपास वैकल्पिक जमीन तलाशने की मांग की है। उनका कहना है कि कॉलेज ऐसी जगह बनाया जाये, जहां रोह प्रखंड के अलग-अलग गांवों से आने वाले छात्र-छात्राओं को आसानी से पहुंचने की सुविधा मिल सके।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकारी डिग्री कॉलेज रोह के विद्यार्थियों के लिए जरूरी है और वे इसकी स्थापना चाहते हैं, लेकिन कॉलेज के लिए ऐसी जगह का चयन किया जाना चाहिए, जो विद्यार्थियों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित हो। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जमीन चयन के मुद्दे पर उनकी मांगों पर पहल नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा। सोमवार को बाजार बंद और सड़क पर प्रदर्शन के बाद अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
भईया जी की रिपोर्ट