नवादा : जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में कृषि विभाग एवं संबद्ध विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि टास्क फोर्स, आत्मा शासी परिषद्, राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन कार्यकारिणी समिति, जिला स्तरीय दलहन संचालन समिति तथा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की समीक्षा की गई। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि सितंबर 2026 में 25 सितंबर तक जिले में सामान्य वर्षापात 183.6 मिलीमीटर के विरुद्ध 233.70 मिलीमीटर वर्षापात दर्ज किया गया है। पर्याप्त वर्षापात से धान सहित अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिलने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि खरीफ मौसम में धान, मक्का, दलहन, तिलहन एवं मिलेट्स सहित विभिन्न फसलों के आच्छादन का कुल लक्ष्य 1,00,109.94 हेक्टेयर निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध अब तक 99,590.90 हेक्टेयर में फसलों का आच्छादन किया जा चुका है। इस प्रकार निर्धारित लक्ष्य का 99.48 प्रतिशत आच्छादन पूरा किया जा चुका है। बैठक में किसानों की आवश्यकता के अनुरूप जिले में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी दी गई।
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में जिले में दो नए क्लस्टर स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके तहत कौआकोल प्रखंड के सोखोदेवरा एवं नरहट प्रखंड के बभनौर ग्राम में क्लस्टर का गठन किया गया है। इन क्लस्टरों के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
बैठक में उद्यान, भूमि संरक्षण, आत्मा, मिट्टी जांच, पौधा संरक्षण, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं गव्य विकास विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। साथ ही जल संसाधन, लघु सिंचाई एवं विद्युत विभाग से संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली ।आत्मा शासी परिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धियों का अनुमोदन किया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप संचालित किए जाने वाले कृषि प्रसार कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि कृषि प्रसार से संबंधित सभी कार्यक्रम निर्धारित कैलेंडर के अनुसार एवं समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराए जाएं। प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण कार्यक्रमों में शामिल किसानों को प्राप्त जानकारी से कृषि कार्यों में हो रहे लाभ का निरंतर आकलन किया जाए, ताकि कृषि प्रसार कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाया जा सके।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की समीक्षा के दौरान सहायक निदेशक, बीज विश्लेषण द्वारा संबंधित विभागों से प्राप्त अद्यतन आंकड़ों के आधार पर निर्धारित सूचकों के अनुरूप जिले की प्रगति से अवगत कराया गया। योजना के विभिन्न घटकों एवं निर्धारित सूचकों के तहत हुई उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन कार्यकारिणी समिति की बैठक में मिशन के विभिन्न घटकों की समीक्षा की गई तथा संबंधित प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि चालू वर्ष में जिले को दो तेल मिलों की स्थापना का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। निर्धारित प्रावधानों के तहत लागत का 33 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इससे जिले में तिलहन उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा।
जिला स्तरीय दलहन संचालन समिति की बैठक में दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न घटकों की समीक्षा की गई तथा प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। बताया गया कि योजना के तहत क्लस्टर आधारित पद्धति से दलहन की खेती कराई जा रही है। खरीफ मौसम में किसानों द्वारा अरहर की खेती की गई है, जबकि आगामी रबी मौसम में मसूर, मूंग एवं उड़द की खेती कराई जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने कृषि एवं संबद्ध विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा किसानों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त शंभु शरण पाण्डेय , जिला कृषि पदाधिकारी, परियोजना निदेशक, आत्मा सहित कृषि एवं संबद्ध विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
भईया जी की रिपोर्ट