नवादा : जिले के निजी क्लीनिकों में मौत का सिलसिला लगातार जारी है। जाहिर है जब मौत हो रही है तो हंगामा होना है। लेकिन प्रशासन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। गोविंदपुर के दरमनियां बाजार के निजी क्लीनिक में मात्र चार दिन पूर्व युवक की मौत की गुत्थी सुलझी नहीं कि हिसुआ के निजी क्लीनिक में युवक की मौत का मामला सामने आ गया। हिसुआ के निजी शिफा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 18 वर्षीय युवक प्रिंस कुमार की मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने परिजनों से घटना की जानकारी ली और पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया। मृतक की पहचान राजगीर के तुलसी गली, वार्ड 17 निवासी प्रिंस कुमार के रूप में हुई है। वह दिनेश पांडेय का पुत्र था। परिजनों के अनुसार, प्रिंस की तबीयत खराब होने के बाद उसे इलाज के लिए हिसुआ स्थित शिफा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सक ने उन्हें बताया था कि प्रिंस को कोई गंभीर समस्या नहीं है और वह तीन दिनों में ठीक हो जाएगा। चिकित्सक की बात के बाद परिजनों ने युवक को अस्पताल में भर्ती करा दिया और इलाज शुरू हुआ। मृतक के पिता दिनेश पांडेय का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद प्रिंस की समुचित देखभाल नहीं की गई। इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ती चली गई। परिवार के लोगों को जब तक स्थिति की गंभीरता का अंदाजा होता, तब तक प्रिंस की मौत हो गई। अचानक युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई।
अस्पताल में हंगामे और युवक की मौत की सूचना पुलिस को दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने परिजनों से घटना के संबंध में पूछताछ की और शव को अपने कब्जे में ले शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद युवक की मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी। साथ ही परिजनों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। युवक की मौत को लेकर परिजनों की ओर से अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया गया है।

मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। 18 वर्षीय प्रिंस की अचानक मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस युवक के जल्द स्वस्थ होकर घर लौटने की उम्मीद परिवार कर रहा था, उसकी मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है। घटना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं ?
भईया जी की रिपोर्ट

