नवादा : जिले के वारिसलीगंज प्रखंड अंतर्गत सुल्तानपुर गांव ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। इस वर्ष देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC), देहरादून की प्रवेश परीक्षा में गांव की शिखा राय और सत्यम कुमार का चयन हुआ है। इसके पूर्व वर्ष 2025 में सत्यम के बड़े भाई शिवम कुमार भी इसी संस्थान में चयनित हुए हैं। एक ही गांव के लगातार तीन विद्यार्थियों की सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
देश की कठिन परीक्षाओं में शुमार
राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज की प्रवेश परीक्षा देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिनी जाती है। हर सत्र में हजारों छात्र इसमें शामिल होते हैं, लेकिन चयन केवल 36 सीटों पर ही होता है, जिनमें 28 सीटें लड़कों और 8 सीटें लड़कियों के लिए निर्धारित हैं। ऐसे में एक छोटे से गांव के तीन विद्यार्थियों का चयन होना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
बेटी की सफलता बनी प्रेरणा
शिखा राय, शिक्षक प्रवीण कुमार और सिंपी कुमारी की पुत्री हैं। उनका सपना भारतीय सेना में अधिकारी बनकर देश सेवा करना है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के लिए बाहर भेजने पर उनके माता-पिता को समाज के ताने भी सुनने पड़े, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आज उनकी सफलता उन सभी बेटियों और अभिभावकों के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।
भाई से प्रेरणा, वायुसेना लक्ष्य
सत्यम कुमार ने बताया कि उनके बड़े भाई शिवम कुमार के चयन से उन्हें प्रेरणा मिली। देहरादून स्थित संस्थान का अनुशासन, सैन्य प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाओं ने उन्हें आकर्षित किया। पहले ही प्रयास में सफलता हासिल करने वाले सत्यम का लक्ष्य भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनना है।
क्षेत्र में खुशी की लहर
दोनों विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त किया है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह सफलता न केवल सुल्तानपुर गांव बल्कि पूरे नवादा जिले के लिए गर्व का विषय है। लगातार तीन वर्षों में RIMC जैसी प्रतिष्ठित संस्था में चयन सुल्तानपुर गांव की शिक्षा के प्रति समर्पण और मेहनत का प्रमाण है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनकर उभरेगी।
भईया जी की रिपोर्ट