पटना/भागलपुर : तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) का 67वां स्थापना दिवस शुक्रवार को गरिमामय एवं भव्य समारोह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व कुलपति प्रो. ए.के. रॉय, पूर्व प्रभारी कुलपति प्रो. क्षेमेंद्र कुमार तथा अध्यक्षता कर रहे प्रो. सुदामा यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व प्रभारी कुलपति प्रो. क्षेमेंद्र कुमार ने कहा कि वर्ष 1965 से विश्वविद्यालय से जुड़े रहने के दौरान उन्होंने ऐसा भव्य स्थापना दिवस पहली बार देखा है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए इसे विश्वविद्यालय के इतिहास का सबसे सफल आयोजन बताया। मुख्य अतिथि प्रो. ए.के. रॉय ने विश्वविद्यालय को “मां” की संज्ञा देते हुए कहा कि शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मी ही इसकी असली शक्ति हैं। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया तथा शैक्षणिक संस्थानों के संतुलित विकास की आवश्यकता बताई।
स्थापना दिवस पर बी.एन. कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज, सबौर कॉलेज, टी.एन.बी. कॉलेज और एस.एम. कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने गीत, नृत्य और नाटक की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। इस अवसर पर विभिन्न स्नातकोत्तर विभागों तथा अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों के मेधावी टॉपर्स को मेडल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही 31 विभागाध्यक्षों, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यों तथा पिछले एक वर्ष में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मियों को भी सम्मानित किया गया।
समारोह में विश्वविद्यालय के आधुनिकीकरण, डिजिटलाइजेशन, नए प्रशासनिक भवन के निर्माण, प्रशासनिक पारदर्शिता और शिक्षकों की मूल शैक्षणिक कार्यों में वापसी जैसे मुद्दों पर भी सुझाव दिए गए। डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा स्थापना और फाइल ट्रैकिंग के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय कुमार जायसवाल ने किया, जबकि सांस्कृतिक परिषद के सचिव डॉ. राहुल कुमार ने आयोजन का नेतृत्व किया। अंत में अनिरुद्ध कुमार ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट