नवादा : जरा सोचिए ! जब आपकी नींद पूरी न हो और आपको हर वक़्त इमरजेंसी सेवा के लिए तैयार रहना पड़े तो कैसा लगता होगा? कुछ ऐसा ही हाल है नवादा सदर अस्पताल के 102 एम्बुलेंस के ड्राइवर और ईएमटी का जिन्हें रहने के लिए अस्पताल प्रबंधन के द्वारा बेहद ही जर्जर शेड दिया गया है जो किसी भी मौसम के अनुकूल रहने के लिए नही है। अस्पताल के खराब बेड पर ये लोग सोने को मजबूर है।जगह इतनी कम की एक साथ 6 लोग भी नही रह पाए।
मगर मौजूदा स्थिति ऐसी है कि यहां इंसानों के लिए रहना किसी चुनौती से कम नही है और इनकी यह स्थिति वर्षों से इसी हाल में है और किसी ने अबतक इनका हाल नही लिया। फिर भी इतनी विषम परिस्थियां होने के बाद भी ये अपनी ड्यूटी निभा रहे है और दूसरों की जिंदगी बचा रहे है।इसलिए हो सके तो अस्पताल प्रबंधन के जिम्मेवार अधिकारी एसी चैम्बर से बाहर निकलकर इनके लिए कोई ब्यवस्था करे ताकि ये लोग भी इंसानों की जिंदगी जी सकें।
भईया जी की रिपोर्ट