नवादा : “भैया जी” की खबर ने एक बार फिर अपना जलवा बिखेरा है। इस बार इसके जद में अपर समाहर्ता आये हैं। मामला कार्यालय में रिश्वत लेने का है। सहयोग पोर्टल आदि के स्तर पर दर्ज करायी गयी थी शिकायतें। मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल ने उनका स्थानांतरण कर दिया। इससे संबंधित आदेश निर्गत किया गया है।
क्या था मामला
अपर समाहर्ता डॉ अनिल कुमार तिवारी के न्यायालय में सिरदला प्रखंड क्षेत्र रबियो गांव की महिला का वाद लम्बित था। उक्त वाद में उनके पक्ष में निर्णय देने के एवज में स्टेनो द्वारा एक लाख रुपए रिश्वत की मांग की गयी थी।
भैया जी ने मामले पर लिया था संज्ञान
मामला भैया जी के पास पहुंचा था। उक्त मामले का आडियो व महिला के आरोपों को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसके साथ ही पीड़ित महिला ने सहयोग पोर्टल समेत मुख्य सचिव को आवेदन देकर मामले की जांच के साथ कार्रवाई का आग्रह किया था।
चूंकि मामला अपर समाहर्ता न्यायालय से जुड़ा था और सहयोग पोर्टल के माध्यम से तीस दिनों के अंदर समस्या का समाधान होना था फलत: राज्यपाल ने उनका स्थानांतरण कर मंत्री डा संतोष कुमार सुमन का ओसडी बना नवादा से विदा कर दिया। इस बावत समाहरणालय में चर्चा का बाजार गर्म है। कर्मचारियों का मानना है सबको संभालना संभव है लेकिन ” भैया जी” को? मुझे अपनों ने ले डूबा, गैरों में कहां दम था। किश्ति वहीं डूबी, जहां पानी कम था।। एक महिला से रिश्वत मांंगना नवादा से तिवारी को विदा कर ही दिया।
भईया जी की रिपोर्ट