पटना : बिहार के लिए गौरव की बात है कि पटना के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनीष सिंह के पाँच शोध-सार (एब्स्ट्रैक्ट) विश्व की प्रतिष्ठित यूरोलॉजी संस्था सोसाइटी इंटरनेशनेल डी’यूरोलॉजी (एसआईयू) की 46वीं कांग्रेस में प्रस्तुति के लिए स्वीकृत किए गए हैं। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इटली के फ्लोरेंस शहर में 11 से 14 नवंबर 2026 तक आयोजित होगा।
एसआईयू की वैज्ञानिक कार्यक्रम समिति द्वारा जारी सूचना के अनुसार डॉ. सिंह के चार शोध-सारों का चयन मॉडरेटेड ओरल ई-पोस्टर प्रेजेंटेशन श्रेणी में किया गया है, जबकि एक शोध-सार को इंटरएक्टिव ई-पोस्टर प्रेजेंटेशन के लिए स्वीकृति मिली है। मॉडरेटेड ओरल ई-पोस्टर श्रेणी में उन्हीं शोधों का चयन किया जाता है जिन्हें वैज्ञानिक मूल्यांकन में उच्च अंक प्राप्त होते हैं।
स्वीकृत शोध-सारों में पश्च मूत्रमार्ग संकुचन के लिए प्रोग्रेसिव पेरिनियल यूरेथ्रोप्लास्टी के परिणामों का अध्ययन, संपूर्ण अग्र मूत्रमार्ग संकुचन में विभिन्न ग्राफ्ट तकनीकों की तुलना, रक्तवाहिकाजन्य स्तंभन-दोष में पीडीई-5 अवरोधक दवाओं के प्रति अप्रतिक्रिया की भविष्यवाणी के लिए मॉडल का विकास, श्रोणि अस्थि-भंग से उत्पन्न मूत्रमार्ग चोट के बाद स्तंभन क्षमता के परिणामों का अध्ययन तथा 50 से 60 वर्ष आयु वर्ग के पुरुषों में मोनोपोलर टीयूआरपी के बाद यौन विकार की दर और उसके निर्धारक कारकों पर आधारित शोध शामिल हैं।
डॉ. मनीष सिंह के ये शोध पुनर्निर्माणात्मक यूरोलॉजी, मूत्रमार्ग संकुचन रोग तथा पुरुष यौन स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित हैं। उनके शोध निष्कर्षों को सम्मेलन में दुनिया भर से आने वाले यूरोलॉजिस्टों, शोधकर्ताओं और चिकित्सा विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
गौरतलब है कि एसआईयू कांग्रेस यूरोलॉजी के क्षेत्र का एक प्रमुख वैश्विक मंच है, जहां चिकित्सा विज्ञान, शल्य-चिकित्सा नवाचार और नवीनतम शोधों पर विचार-विमर्श किया जाता है। डॉ. मनीष सिंह के पाँच शोध-सारों का चयन न केवल उनकी शोध क्षमता और चिकित्सा क्षेत्र में योगदान को दर्शाता है, बल्कि बिहार और भारत के लिए भी गौरव का विषय है। इस उपलब्धि पर चिकित्सा जगत, विद्यार्थियों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. मनीष सिंह को बधाई दी है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
प्रभात रंजन शाही की रिपोर्ट