नवादा : राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (सिया), बिहार की पर्यावरणीय स्वीकृति की शर्तों के तहत प्रत्येक वर्ष मानसून अवधि में नदी से बालू खनन पर रोक लगाई जाती है. इसी के तहत यह प्रतिबंध लागू किया गया है। खान एवं भूतत्व विभाग ने निर्देश दिया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान बालू खनन पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए तथा थाना स्तर पर नियमित निगरानी रखी जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभिन्न नदी घाटों पर बालू रखी गयी सुरक्षित
विभाग के अनुसार, मानसून के दौरान निर्माण कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए पहले से पर्याप्त मात्रा में बालू का भंडारण किया गया है। जिले के विभिन्न नदी घाटों के आसपास दर्जनों स्थानों पर बालू सुरक्षित रखी गई है। बालू के भंडारण एवं बिक्री के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं। इसके अलावा, जब्त की गई बालू बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगी।
क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप करेगी निगरानी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान बिहार से अन्य राज्यों में बालू भेजने पर रोक रहेगी। बालू की सीमित उपलब्धता को देखते हुए दूसरे राज्यों के लिए ई-चालान जारी नहीं किए जाएंगे। व्यवस्था की निगरानी विभाग के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप द्वारा की जाएगी।
फिलहाल अन्य राज्यों में बालू भेजने पर रहेगी रोक
गौरतलब है कि झारखंड की सीमा से जुड़े नवादा, गया समेत कई जिलों से अन्य राज्यों में भी बालू की आपूर्ति की जाती है। हालांकि, पर्यावरण संरक्षण एवं नदी तंत्र को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से मानसून अवधि में बालू खनन पर रोक लगाई जाती है। यह प्रतिबंध राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुरूप लागू किया जाता है।
भईया जी की रिपोर्ट