नवादा : निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने नवादा सदर अस्पताल गेट पर छापेमारी कर सदर अंचल में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
परिमार्जन कार्य के बदले मांगी थी रिश्वत
निगरानी डीएसपी नरेंद्र कुमार ने बताया कि परिवादी शंकर पासवान से परिमार्जन कार्य के एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी थाना पटना द्वारा मामले का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए।
सदर अस्पताल गेट पर बिछाया जाल
मामले की पुष्टि होने के बाद धावा दल का गठन कर कार्रवाई की गई। बताया गया कि आरोपी ने रिश्वत की राशि लेने के लिए परिवादी को सदर अस्पताल गेट पर बुलाया था। जैसे ही उसने रुपये लिए, निगरानी टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद पटना ले जाया गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सर्किट हाउस ले जाया गया, जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उसे पटना ले जाया गया। शनिवार को आरोपी को निगरानी न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
पत्नी ने लगाया साजिश का आरोप
आरोपी की पत्नी ने पूरे मामले को साजिश बताते हुए कहा कि उनके पति को फंसाया गया है। हालांकि निगरानी अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई शिकायत, सत्यापन और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
राजस्व विभाग पर फिर उठे सवाल
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में निगरानी विभाग की कार्रवाई में सबसे अधिक राजस्व कर्मी ही घूसखोरी के आरोप में पकड़े गए हैं। इस घटना के बाद राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। आश्चर्य यह कि अपर समाहर्ता के पेशकार श्यामनंदन सिंह द्वारा एक लाख रुपए रिश्वत मांगे जाने का आडियो वायरल होने के बावजूद जिला प्रशासन चुप्पी साधे हैं। ऐसे में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
भईया जी की रिपोर्ट