नवादा : जिले के कौआकोल प्रखंड अंतर्गत नावाडीह गांव में गुरुवार की देर रात जंगली हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। पांच की संख्या में आए हाथियों ने न केवल कई घरों को क्षतिग्रस्त किया, बल्कि घरों में रखे अनाज और बागीचों में लगे पेड़ों को भी पूरी तरह बर्बाद कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार, गुरुवार रात करीब 11:30 बजे पांच जंगली हाथी अचानक आबादी वाले क्षेत्र में घुस आए। हाथियों ने मिथिलेश उर्फ गुड्डू यादव के घर को निशाना बनाते हुए दीवारें और दरवाजे तोड़ दिए। घर के भीतर रखा चावल, गेहूं और मसूर का अनाज हाथियों ने पैरों तले रौंदकर बर्बाद कर दिया। हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज सुनकर गांव में अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग जान बचाने के लिए घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
ग्रामीणों ने मशाल जलाकर और शोर मचाकर हाथियों को खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन हाथी काफी देर तक गांव के इर्द-गिर्द ही मंडराते रहे। इस हमले में पीड़ित परिवारों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग करते हुए हाथियों के आतंक से स्थाई निजात दिलाने की गुहार लगाई है। कौआकोल क्षेत्र में हाथियों के पहुंचने की यह छठी घटना है। गौरतलब है कि करीब 25 दिन पूर्व ही मंझिला पंचायत के फुसबंगला निवासी किसान राजाराम पासवान की हाथी ने कुचलकर हत्या कर दी थी। पुरानी घटनाओं को याद कर ग्रामीण बेहद डरे हुए हैं और रात-भर जागकर पहरा दे रहे हैं।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। विभाग ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कुछ एहतियाती उपाय साझा किए हैं। घरों के बाहर मिर्च पाउडर डालकर गोइठा जलाने की सलाह दी गई है ताकि तीखे धुएं से हाथी दूर रहें। हाथियों की आहट मिलने पर ढोल बजाने और मशाल जलाने का निर्देश दिया गया है। रेंज ऑफिसर सौरभ शांडिल्य ने बताया कि नावाडीह में हाथियों के पहुंचने की सूचना पर तैनात टीम के द्वारा हाथियों के मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।
भईया जी की रिपोर्ट