नवादा : जिले के बिहार-झारखंड सीमा पर गोविंदपुर प्रखंड मुख्यालय बाजार में पिछले पांच दिनों से पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ऐसा सकरी नदी किनारे पूर्व में स्थापित पचास हजार क्षमता वाले पानी टंकी से जलापूर्ति ठप रहने के कारण हो रहा है। आश्चर्य यह कि संबंधित अधिकारियों को सूचना के बावजूद अबतक पीएचडी की तंद्रा भंग नहीं हो रही है। ऐसे में राज्य अल्पसंख्यक आयोग सदस्य सह गोविंदपुर प्रखंड मुख्यालय पंचायत पूर्व मुखिया अफरोजा खातुन ने मामले को गंभीरता से लिया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री समेत डीएम को आवेदन देकर भीषण गर्मी में जलापूर्ति व्यवस्था जल्द बहाल कराने की गुहार लगायी है। आरोप है कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीइएचडी) की ओर से गोविंदपुर के सकरी नदी किनारे स्थापित 50 हजार गैलन क्षमता वाली जलमिनार से पिछले 5 दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है जिससे 5 वार्डों जिसमें 3, 4, 7, 8 और 9 के लगभग 1400 कनेक्शन धारी उपभोक्ता गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। खासकर महिलाओं को काफी परेशानी हो रही है।
दूसरे के घरों से पानी लाना पड़ रहा है। संपन्न लोग तो घरों में सबमर्सिबल पंप से पानी क जुगाड़़ कर लें रहे हैं लेकिन गरीब परिवारों को नदी में चुंआ खोदकर गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है जिससे महामारी फैलने की आशंका है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए समस्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया है। वैसे बता दें भवनपुर पंचायत की भवनपुर गांव वार्ड नंबर दो का नल जल पिछले पांच वर्षों से ठप रहने के बावजूद अबतक इसे चालू करने का कवायद तक आरंभ नहीं किया जा रहा है।