नवादा : मानवता और सेवा की प्रतिमूर्ति, विरायतन की संस्थापिका पद्मश्री आचार्य चंदना ताई मां के महाप्रयाण के बाद हिसुआ में उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। हिसुआ प्रखंड सभागार में विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहाँ समाज के हर वर्ग ने अपनी प्रिय ‘ताई मां’ को याद किया। जितेंद्र राज आर्यन की अध्यक्षता और ओंकार शर्मा कश्यप के संचालन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वीरायतन की मुख्य कर्ताधर्ता साध्वी संप्रज्ञा जी उपस्थित रही। चिकित्सक डॉ रवि निवास, अनूप जैन, बबलू जैन आदि ने हिसुआ आगमन पर उनका स्वागत किया।
श्रद्धांजलि सभा का प्रारंभ ताई मां के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान वातावरण ताई मां के संस्मरणों और उनके द्वारा किए गए मानवीय कार्यों की गूँज से अत्यंत भावुक रहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक उपेंद्र भाई त्यागी, नवादा सदर 2 के एसडीपीओ राहुल कुमार , प्रखंड विकास पदाधिकारी देवानंद सिंह, अंचल अधिकारी सुमन सौरव, राजस्व अधिकारी मो आरिफ , सर्किल इंस्पेक्टर राजेश कुमार, थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार आदि ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। अधिकारियों ने पद्मश्री चंदना जी को आधुनिक युग में सेवा की मूर्ति तथा ‘करुणा की देवी’ बताया।
परोपकार ही मानव जीवन का मूल
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए आचार्य संप्रज्ञा जी ने ताई मां के संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायी जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ताई मां ने केवल उपदेश नहीं दिया, बल्कि सेवा को ही अपना धर्म बनाया। विरायतन के माध्यम से उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य की जो अलख जगाई , उसे अक्षुण्ण रखना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उनका मूल मंत्र परोपकार ही मानव जीवन की सार्थकता है।
पद्मश्री से सम्मानित ताई मां ने राजगीर की धरती से जिस ‘विरायतन’ की नींव रखी थी, आज उसकी शाखाएं विश्व भर में मानवता की सेवा कर रही हैं। उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि ताई मां द्वारा दिखाए गए सत्य, अहिंसा और सेवा के मार्ग पर वे सदैव अग्रसर रहेंगे। हिसुआ की इस सभा ने यह सिद्ध कर दिया कि ताई मां भले ही देह रूप में हमारे बीच न हों, लेकिन उनकी करुणा और परोपकार की चेतना युगों-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करती रहेगी।
श्रद्धाजंलि सभा में बिहार नागरिक परिषद की सदस्य शोभा देवी, प्रख्यात समाजसेवी डॉ. रवि निवास, अरविंद चंद्रवंशी,पार्षद सुधीर सिंह, उत्तम कुमार, रंजीत उर्फ बब्लू जैन, गुड्डू जैन, डॉ. विपिन, डॉ. रमेश कुशवाहा, चक्रवर्ती सम्राट अशोक कुशवाहा ट्रस्ट के डॉ. सुभाष सुमन, मुसाफिर कुशवाहा, सुजीत कुशवाहा, डॉ संतोष कुमार, पतंजलि के मनोज शर्मा, तमसा महोत्सव के सचिव डॉ. शैलेन्द्र कुमार प्रसुन, मधुकांत पांडेय, डॉ राजेश कुमार, शिक्षाविद कुमार गौतम, नवादा के कवि दयानंद गुप्ता, उत्पल भारद्वाज, श्याम सुंदर, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े सनोज कुमार, धर्मेंद्र कुमार, सन्नी कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में हिसुआ के गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति ने अपनी बात रखी। प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
भईया जी की रिपोर्ट