नवादा : जिले के रजौली प्रखंड क्षेत्र के उदासीन संगत अमावां से जुड़े विवाद एवं आरोप-प्रत्यारोप के बीच महंत डॉ. स्वामी दयानंद मुनि ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करते हुए अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूर्णतः निराधार, असत्य एवं षड्यंत्रपूर्ण बताया है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
महंत दयानंद मुनि ने बताया कि उन्हें दिनांक 19 मार्च 2026 को जिला प्रशासन की निगरानी में अनुमंडल पदाधिकारी, रजौली के आदेशानुसार विधिवत रूप से संगत का प्रभार सौंपा गया। प्रभार ग्रहण के समय संगत की स्थिति अत्यंत दयनीय थी, जिसमें अव्यवस्था, अतिक्रमण एवं संपत्तियों के दुरुपयोग की स्थिति स्पष्ट रूप से देखी गई। यह भी आरोप लगाया गया है कि पूर्व से जुड़े कुछ व्यक्तियों, विशेषकर शक्ति मुनि एवं उनके सहयोगियों द्वारा संगत की संपत्तियों पर अवैध कब्जा, फर्जी समितियों का गठन, तथा प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना की जा रही है।
साथ ही, संगत परिसर में उत्पात, धमकी एवं सामाजिक शांति भंग करने जैसी घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। महंत दयानंद मुनि ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके विरुद्ध अब तक किसी भी सक्षम न्यायालय में कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है और न ही किसी प्रकार की प्राथमिकी दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ प्रस्तुत कुछ शिकायतें एक ही व्यक्ति द्वारा अलग-अलग हस्तलिपि एवं एक ही मोबाइल नंबर के माध्यम से दी गई प्रतीत होती हैं, जो एक सुनियोजित षड्यंत्र की ओर संकेत करता है।
इस बीच, उदासीन संगत अमावां के ग्रामवासियों ने भी सामूहिक रूप से महंत दयानंद मुनि के समर्थन में आवेदन प्रस्तुत किया है। ग्रामवासियों ने उन्हें एक कर्मठ, धर्मनिष्ठ एवं संगत के विकास हेतु समर्पित संत बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संगत में साफ-सफाई, संरक्षण एवं धार्मिक गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ग्रामवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व प्रबंधन के दौरान संगत की संपत्तियों का दुरुपयोग एवं वित्तीय अनियमितताएं हुईं, जिससे संगत की स्थिति खराब हो गई थी। वर्तमान में महंत दयानंद मुनि के प्रयासों से स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है।
मुख्य मांगें सभी आरोपों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। संगत की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अवैध कब्जा एवं अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई हो स्थानीय प्रशासन को त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।महंत दयानंद मुनि ने प्रशासन एवं बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद से आग्रह किया है कि तथ्यों के आधार पर न्याय सुनिश्चित किया जाए तथा संगत की धार्मिक मर्यादा एवं संपत्तियों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
भईया जी की रिपोर्ट