नवादा : जिले के लोगों के लिए खुशखबरी है। अब मृत्यु प्रमाण पत्र को लिये लंबे इंतजार की समस्या अब खत्म होने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत अब किसी व्यक्ति के निधन के बाद 24 घंटे के भीतर ही डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा। खास बात यह है कि यह प्रमाण पत्र ई-मेल, व्हाट्सएप या मोबाइल एप के जरिए सीधे लोगों तक पहुंच जाएगा, जिससे गांवों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस व्यवस्था को लागू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। अब तक लोगों को सर्टिफिकेट के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन नई प्रणाली से यह झंझट काफी हद तक खत्म हो जाएगा और समय की भी बचत होगी। नई व्यवस्था में वार्ड सदस्य की भूमिका अहम कर दी गई है। पंचायती राज विभाग ने उन्हें कब्रिस्तान, श्मशान घाट, मोक्ष धाम और शवदाह गृह का प्रभारी बनाया है। अंत्येष्टि के बाद वार्ड सदस्य संबंधित जानकारी तैयार कर पंचायत सचिव-सह-रजिस्ट्रार को देंगे, जिसके आधार पर प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इससे पंचायत स्तर पर डेटा भी व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रहेगा।
डेथ सर्टिफिकेट कई जरूरी कामों के लिए अनिवार्य दस्तावेज होता है। बीमा क्लेम, पेंशन, संपत्ति के उत्तराधिकार और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए इसकी जरूरत पड़ती है। पहले इस प्रमाण पत्र के लिए लोगों को करीब 21 दिनों तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया घटकर महज 24 घंटे की रह जाएगी। इससे दफ्तरों के बाहर लगने वाली लंबी कतारों से भी छुटकारा मिलेगा।
इस नई व्यवस्था में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रमाण पत्र जारी करने की जिम्मेदारी स्थान के आधार पर तय होगी। अगर किसी व्यक्ति का निधन पंचायत क्षेत्र के भीतर हुआ है, तो पंचायत सचिव ही डेथ सर्टिफिकेट जारी करेंगे। वहीं अगर मृत्यु पंचायत क्षेत्र से बाहर हुई है, तो इसके लिए संबंधित जिला कार्यालय से संपर्क करना होगा। हालांकि, जरूरत पड़ने पर लोग पंचायत कार्यालय से इसकी हार्ड कॉपी भी प्राप्त कर सकते हैं।
भईया जी की रिपोर्ट