नवादा : जिले में अधिकारियों की मिलीभगत से पीडीएस खाद्यान्न मामले में बंदरबांट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात यह है कि अनुज्ञप्ति रद्द होने के बावजूद लगातार तीन माह तक खाद्यान्न का उठाव किया जाता रहा बावजूद कार्रवाई के बजाय अधिकारियों ने इसे जायज ठहराया।
मामला नारदीगंज प्रखंड क्षेत्र के मसौढ़ा गांव के पीडीएस विक्रेता का बताया जा रहा है। बताया जाता है कि नवादा एसडीएम अमित अनुराग ने मसौढ़ा के पीडीएस विक्रेता अनुज्ञप्ति संख्या 33/07 को दिनांक 17/09/25 को रद्द कर दिया था। बावजूद 29/12/25 तक खाद्यान्न का उठाव जारी रहा।
जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल ने मामले को लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद उन्होंने अपर समाहर्ता को जांचोपरांत समुचित कार्रवाई का आदेश तो निर्गत किया लेकिन जांच व कार्रवाई कबतक करनी है स्पष्ट नहीं किया। ऐसे में उपरोक्त आदेश पर उंगली उठनी शुरू हो गयी है। अब सबसे बड़ा ऐसे में पीडीएस की मनमानी पर कभी रोक लग सकेगी क्या?
भईया जी की रिपोर्ट