नवादा : जिले की हसुआ में प्रत्येक वर्ष देवोत्थान एकादशी पर नदी एवं पर्यावरण संरक्षण को समर्पित ऐतिहासिक तमसा महोत्सव समारोह इस वर्ष पहली दफा राजकीय समारोह के रूप में मनाया जायेगा। महोत्सव की तैयारियों को लेकर प्रखंड कार्यालय सभागार में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी प्रतिभा कुमारी के नेतृत्व में बैठक हुई जिसमें बीडीओ देवानंद कुमार सिंह, सीओ परमजीत सिरमौर, थानाध्यक्ष मृत्युंजय, नगर परिषद हसुआ के स्वच्छता पदाधिकारी रजनीश कुमार गुलशन आदि ने भाग लिया। बैठक में कार्यक्रम की रुपरेखा तय की गई।
लोगों की सुविधा को देखते हुए मुख्य कार्यक्रम इंटर विद्यालय में आयोजित किया जाएगा जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही अन्य सभी मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दीपोत्सव और गंगा आरती पूर्व की तरह तमसा नदी तट पर आयोजित किया जाएगा। स्थानीय कलाकार डॉ शैलेन्द्र प्रसून्न और देवेंद्र विश्वकर्मा द्वारा बनाए जाने वाले सैंड आर्ट की प्रस्तुति तमसा तट पर दी जाएगी। बच्चों में सैंड आर्ट के प्रति जागरूकता लाने को लेकर इसके लिए तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित करने की बातें कही गई।
कार्यक्रम को व्यापक रूप देने के लिए स्थानीय कलाकारों पर विशेष फोकस किया गया है ताकि सभी कार्यक्रमों में स्थानीय संस्कृति और विरासत की झलक अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम में मगही गीतों के अलावा कई नामचीन स्थानीय कवि और कलाकारों की जुगलबंदी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगा।
बता दें नदी एवं जलवायु संरक्षण को समर्पित तमसा महोत्सव का शुरुआत वर्ष 2015 में दिवंगत मिथलेश कुमार सिन्हा की अगुवाई में स्थानीय समाजसेवियों और कलाकारों द्वारा किया गया था। बता दें पिछले साल जून महीने में सांसद विवेक ठाकुर की मांग पर तमसा महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया गया था, लेकिन तब सूबे में आदर्श आचार संहिता लगे होने के कारण राजकीय समारोह के रूप में इसे नहीं मनाया जा सका था।
भईया जी की रिपोर्ट