नवादा : नगर का पुराना सरकारी बस स्टैंडबदहाली का शिकार है। कभी यात्रियों की आवाजाही से गुलजार रहने वाले इस बस स्टैंड से वर्तमान में एक भी सरकारी बस पटना के लिए नहीं जाती। कभी-कभार सुबह के समय बिहारशरीफ के लिए कुछ बसें मिल जाती हैं। यहां तक कि पावापुरी जाने के लिए यात्रियों को टेम्पो का सहारा लेना पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सरकारी बसों का संचालन सरकारी स्टैंड से शुरू होने के बाद पुराने बस स्टैंड के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि स्टैंड की सफाई और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर न तो प्रशासन गंभीर दिख रहा है और न ही नगर परिषद की ओर से नियमित सफाई हो रही है। पुराने बस स्टैंड पर कभी सुबह से देर रात तक तक यात्रियों की भीड़ रहती थी। बसों के आने-जाने से यहां लगातार चहल-पहल बनी रहती थी। अब बसों का नियमित संचालन बंद होने के कारण स्टैंड सुनसान पड़ा है। यात्रियों की आवाजाही कम होने के साथ परिसर की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
बस स्टैंड के आसपास जगह-जगह कूड़े – कचरे का ढेर लगा हुआ है। स्टैंड परिसर के अंदर कचरा जमा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमित सफाई नहीं होने के कारण गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है।पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश ने परेशानी और बढ़ा दी है। परिसर में जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा होने से लोगों का अंदर जाना मुश्किल हो गया है। कचरे और जमा पानी के कारण दुर्गंध फैल रही है।
बारिश के बाद स्टैंड परिसर की स्थिति और खराब हो गयी है। कई हिस्सों में कीचड़ और गंदा पानी जमा है। ऐसे में यदि किसी यात्री को बस या अन्य वाहन पकड़ने के लिए परिसर में जाना पड़े तो उसे गंदगी के बीच से गुजरना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड का नियमित रखरखाव और सफाई नहीं होने से सरकारी संपत्ति धीरे-धीरे बदहाल होती जा रही है। लोगों ने पुराने बस स्टैंड की नियमित सफाई कराने, जलजमाव दूर करने और यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
भईया जी की रिपोर्ट