नवादा : जिले के रजौली प्रखंड में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय आवंटन में पूरे प्रखंड क्षेत्र में लाखों रुपया गबन किया गया है। इसमें एक और साक्ष्य ग्राम पंचायत मुरहेना का जुड़ गया है।स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत दी जा रही शौचालय हेतु प्रोत्साहन राशि ₹12000 जिसे प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत सचिव, स्वच्छता पर्यवेक्षक द्वारा बने हुए शौचालय का भौतिक जांच जिओ ट्रैकिंग के आधार पर लाभ देने का प्रावधान है।
लेकिन, फर्जीवाड़ा के तहत वैसे लोगों का जिओ ट्रैकिंग किया गया है जिसका ना तो मकान है और अगर मकान है तो शौचालय नहीं है एवं लाभुक उस गांव के निवासी नहीं है वैसे लोगों की संख्या काफी है जिसका जिओ ट्रैकिंग उसके घर में हुआ है। लेकिन लिस्ट में उस लाभार्थी का नाम नहीं है। उसका नाम दूसरे गांव की लिस्ट में डाल दिया गया है। वैसे लाभार्थी का राशि रिकॉर्ड के अनुसार आवंटित किया जा चुका है । लेकिन उस लाभार्थी को राशि नहीं मिला है और फर्जी वाड़ा के तहत राशि का गबन कर लिया गया है
ग्राम पंचायत मुरहेना का मात्र तीन गांव का रिकॉर्ड चेक किया गया । वैसे लोगों की संख्या 100 से अधिक है। पूरे ग्राम पंचायत में कम से कम 300 लोगों का फर्जीवाड़ा कर इस तरह का राशि गवन किया गया है। और तो और जिसकी मृत्यु 5 वर्ष पूर्व हो चुकी है वैसे लोगों के नाम पर भी राशि निकाली गई है । इतना बड़ा घोटाला प्रखंड स्वच्छता पर्यवेक्षक के द्वारा किया गया है।
इसके पहले भी पूरे प्रखंड में शौचालय से संबंधित शिकायत सभी पंचायत की मुखिया द्वारा सार्वजनिक रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी व उप विकास आयुक्त नवादा को किया गया था। लेकिन जांच के नाम पर लीपापोती कर लिया गया। किए गए फर्जीवाड़ा की जांच पड़ताल करने हेतु प्रखंड मुखिया संघ ने प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, मुख्यमंत्री बिहार सरकार पटना को स्पीड पोस्ट से दिया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल आखिर जांच करने से जिला प्रशासन कतरा क्यों रहा है?
भईया जी की रिपोर्ट