अरवल – वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति, वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के समायोजन तथा शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान दिलाने की मांग को लेकर बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के नेतृत्व में राज्यव्यापी महाआंदोलन का शुभारंभ मंगलवार 30 जून को अरवल से होगा। आंदोलन की शुरुआत जिला समाहरणालय, अरवल के समीप आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन से होगी। धरना के उपरांत जिला पदाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नाम मांगपत्र सौंपा जाएगा।
बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रभारी प्राचार्य, रामलखन सिंह यादव कॉलेज, जहानाबाद डॉ. संजय यादव ने बताया कि यह आंदोलन चार दशकों से अधिक समय से वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था से जुड़े शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वित्त रहित शिक्षक समाज ने सीमित संसाधनों में लाखों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा है, लेकिन आज भी नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन से वंचित है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के माध्यम से मुख्यमंत्री से वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति, वित्त रहित डिग्री कॉलेजों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों के समायोजन, शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान, सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए पेंशन, दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों के लिए सामाजिक सुरक्षा, वित्त रहित शिक्षक समाज को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा तथा प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज स्थापना योजना में पहले से संचालित वित्त रहित महाविद्यालयों को प्राथमिकता देने की मांग की जाएगी।
डॉ. संजय यादव ने कहा कि अरवल से प्रारंभ होने वाला यह आंदोलन चरणबद्ध रूप से बिहार के सभी जिलों तक पहुँचेगा। प्रत्येक जिले में जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा, ताकि सरकार तक वित्त रहित शिक्षक समाज की आवाज़ प्रभावी ढंग से पहुँच सके।उन्होंने बताया कि अरवल कार्यक्रम में बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी, कांग्रेस शिक्षक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, वित्त रहित डिग्री कॉलेजों, इंटर कॉलेजों एवं विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, प्राचार्य, सेवानिवृत्त शिक्षक, शिक्षा प्रेमी, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक भाग लेंगे।
डॉ. संजय यादव ने अरवल जिले के सभी वित्त रहित शिक्षक साथियों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षा प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आंदोलन को ऐतिहासिक सफलता दिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अरवल से उठने वाली आवाज़ पूरे बिहार में वित्त रहित शिक्षक समाज के सम्मान, अधिकार और न्याय की लड़ाई को नई दिशा देगी।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट