बिहार और झारखंड में सक्रिय कुख्यात पांडव गिरोह के मुख्य सरगना संजय सिंह को पटना में पुलिस ने धर दबोचा है। उसकी गिरफ्तारी पटना स्टेशन से की गई है। पटना स्टेशन से संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी ने एक वीडियो जारी किया जिसमें उसने बताया कि वो दिल्ली से विक्रमशिला एक्सप्रेस से अपने पति के साथ आ रही थी। इसी दौरान पटना स्टेशन पर पुलिस ने उसके पति को पकड़ा और अपने साथ ले गई। वीडियो में संजय सिंह की पत्नी ने चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें डर है कि उनके पति के साथ कुछ अनहोनी न हो जाए। विदित हो कि कुख्यात पांडव सेना का सरगना संजय सिंह काफी दिनों से फरार चल रहा था। उस पर बिहार और झारखंड में हत्या, अपहरण, लूट और डकैती के कुल 25 मामले दर्ज हैं।
पांडव सेना का मुखिया संजय सिंह पटना के मसौढ़ी के निकट धनरुआ का रहने वाला है। उसकी पत्नी ने प्रशासन से अपने पति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा है कि उन्हें आशंका है कि हिरासत के दौरान उनके पति के साथ कुछ गलत हो सकता है। हालांकि पुलिस की ओर से गिरफ्तारी और अन्य आरोपों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। संजय सिंह पटना जिले के धनरूआ थाना क्षेत्र स्थित नीमा गांव के रहने वाला है। एक समय उसका नाम मध्य बिहार के कई जिलों में प्रभावशाली अपराधियों की सूची में शामिल रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार संजय सिंह पर हत्या, अपहरण, रंगदारी, लूट और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। पटना, जहानाबाद और अरवल जिलों के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ 10 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।
मालूम हो कि पांडव सेना का गठन वर्ष 1995-96 के दौरान किया गया था। उस समय मध्य बिहार के कई इलाकों में नक्सली गतिविधियां तेजी से बढ़ रही थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार नक्सलियों के आतंक और रंगदारी से मुकाबला करने के उद्देश्य से नीमा गांव के 5 दोस्तों ने मिलकर पांडव सेना की स्थापना की थी। जहां शुरुआती दिनों में यह समूह नक्सलियों के खिलाफ सक्रिय रहा, लेकिन बाद में आपसी विवाद बढ़ गया। दोस्तों के बीच खूनी गैंगवार शुरू हो गया जिसने पांडव गिरोह को आपराधिक गैंग में बदल दिया। संजय सिंह इस संगठन के प्रमुख चेहरों में शामिल था और धीरे-धीरे उसने नेतृत्व की भूमिका संभाल ली।