नवादा : जिले के विभिन्न पथों पर यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ायी जा रही हैं। सड़कों पर कई यात्री वाहन क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर फर्राटे भर रहे हैं। स्थिति यह है कि वाहनों के अंदर जगह नहीं मिलने पर चालक छतों पर भी ठूंस-ठूंसकर सवारियां बैठा रहे हैं बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। परिणाम है कि नियम तोड़ने वालों के हौसले बुलंद हैं। इससे लगातार हादसे की न केवल आशंका बढ़ रही है बल्कि प्रतिदिन कहीं न कहीं हादसे में लोग अकाल मृत्यु के शिकार हो रहे हैं।
ओवरलोड वाहनों पर नहीं लग रहा लगाम, हर दिन हादसे को दिया जा रहा न्योता
अगर कोई हादसा होता है, तो इसके लिए आखिर कौन जिम्मेवार होगा? जिले के विभिन्न पथों से गुजरने वाले कई मार्गों पर प्रतिदिन ऐसे नजारे देखने को मिल जाते हैं। बताते चले कि ओवरलोड, तेज गति से गाड़ी व बाइक चलाने के कारण पिछले आठ नौ महीने में सैकड़ों लोग अपनी जान गवां चुके है जबकि कई लोग अभी भी इलाजरत है। खासकर ग्रामीण इलाकों से शहर की ओर आने-जाने वाले छोटे यात्री वाहन, ऑटो, टेंपो और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों में क्षमता से कई गुना अधिक यात्रियों को बैठाया जाता है जहां किसी तरह की कोई सुरक्षा नहीं होती। ऐसे में मामूली दुर्घटना भी बड़े हादसे का रूप ले लेती है। यात्री सुरेश प्रसाद का कहना है कि पर्याप्त परिवहन सुविधा नहीं होने और समय पर वाहन नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में जोखिम भरा सफर करना पड़ता है। हालांकि जान जोखिम में डालकर यात्रा करना न केवल यात्रियों बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी खतरा बन जाता है।
छत पर सफर करना जानलेवा, ओवरलोड वाहनों के खिलाफ जल्द चलेगा अभियान
वाहन की छत पर बैठकर यात्रा करने से संतुलन बिगड़ने, अचानक ब्रेक लगने या वाहन के किसी पुल, पेड़ अथवा अन्य अवरोध से टकराने से दुर्घटना हो सकती है। इसके अलावा ओवरलोडिंग के कारण वाहन के पलटने की आशंका भी बढ़ जाती है। बावजूद चालक लालच में नियमों की अनदेखी करने से बाज नहीं आ रहे हैं।पुलिस अधीक्षक, अभिनव धीमान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने यात्रियों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।
भईया जी की रिपोर्ट