अथमलगोला (पटना)। आगामी पंचायत चुनाव को लेकर अथमलगोला प्रखंड की रामनगर दियारा पंचायत में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग द्वारा आरक्षण रोस्टर और चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले ही संभावित मुखिया प्रत्याशियों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में पूर्व लोकप्रिय मुखिया स्वर्गीय देवेन्द्र सिंह उर्फ बुच्ची बाबू के पुत्र सुनील कुमार का नाम प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत के अनेक लोगों के आग्रह पर सुनील कुमार ने मुखिया पद का चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। पंचायत की जनता का रुझान जानने के बाद उन्होंने अपने पिता की सामाजिक एवं राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने तथा पंचायत के समग्र विकास के उद्देश्य से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। सुनील कुमार के समर्थन में उनके भाई एवं समाजसेवी धीरेन्द्र कुमार तथा बबलू कुमार भी सक्रिय रूप से जनसंपर्क अभियान में जुटे हुए हैं। समर्थकों का कहना है कि यदि जनता का आशीर्वाद मिला तो सुनील कुमार अपने पिता की तरह निष्पक्ष सेवा और विकास को प्राथमिकता देंगे।
गौरतलब है कि स्वर्गीय देवेन्द्र सिंह उर्फ बुच्ची बाबू लंबे समय तक रामनगर दियारा पंचायत के लोकप्रिय मुखिया रहे। वे अपने कार्यकाल में पंचायत के विकास कार्यों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने भागवत उच्च विद्यालय, रामनगर दियारा की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके कार्यकाल में सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं का विकास हुआ, जिसकी चर्चा आज भी ग्रामीण करते हैं।
राजनीतिक रूप से भी बुच्ची बाबू का क्षेत्र में विशेष प्रभाव था। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती थी। समाजवादी विचारधारा से जुड़े होने के कारण उनके संबंध कई प्रमुख नेताओं से रहे। बुच्ची बाबू के निधन के बाद उनका परिवार लंबे समय तक पंचायत की सक्रिय राजनीति से दूर रहा। हालांकि अब ग्रामीणों के आग्रह पर उनके पुत्र सुनील कुमार ने पुनः राजनीतिक जिम्मेदारी संभालने का निर्णय लिया है।
स्थानीय राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि आरक्षण रोस्टर के अनुसार रामनगर दियारा पंचायत का मुखिया पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित रहता है, तो कई दावेदार चुनाव मैदान में उतर सकते हैं और मुकाबला रोचक होने की संभावना है। वहीं, यदि सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रहती है, तो संभावित दावेदार अपने समर्थित उम्मीदवारों को मैदान में उतार सकते हैं। समाजसेवी धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि उनके पिता द्वारा लगभग 30 वर्ष पूर्व बनवाया गया पुल आज भी मजबूत स्थिति में है और अब तक उसकी मरम्मत की आवश्यकता नहीं पड़ी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पंचायत के वार्ड संख्या 9, 10, 11 एवं 12 में कई मूलभूत समस्याएं हैं, जिनका शीघ्र समाधान आवश्यक है। उन्होंने कहा, “हमारा सपना रामनगर दियारा पंचायत को एक आदर्श पंचायत के रूप में विकसित करना है। इसी उद्देश्य से हमने अपने भाई सुनील कुमार को मुखिया पद का उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया है। हमें विश्वास है कि पंचायत की जनता उनका समर्थन कर विकास के इस संकल्प को साकार करेगी।”
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट