पटना/नई दिल्ली। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग (CCRT) द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की स्मृति में “पाठ्यक्रम शिक्षण में सांस्कृतिक तत्व” (Cultural Inputs in Curriculum Teaching) विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में देश के 20 राज्यों से आए 97 जिला स्रोत व्यक्तियों (डीआरपी) ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
समापन समारोह के प्रारंभ में क्षेत्रीय अधिकारी मिथुन दत्ता ने कार्यशाला का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसके पश्चात मूल्यांकन एवं फेलोशिप के उपनिदेशक डॉ. राहुल कुमार ने स्वागत भाषण देते हुए सभी प्रतिभागियों एवं सीसीआरटी के निदेशक पप्पुंजय कुमार का स्वागत किया। उन्होंने डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी (DDR) परियोजना में जिला स्रोत व्यक्तियों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए कहा कि अब इन्हें श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में अपने-अपने जिलों के विद्यालयों में कार्यशालाओं के आयोजन जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इसके माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय मूल्यों एवं संवैधानिक आदर्शों का व्यापक प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा।
अपने अध्यक्षीय एवं समापन संबोधन में सीसीआरटी के निदेशक पप्पुंजय कुमार ने डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी परियोजना में डीआरपी द्वारा किए गए समर्पित एवं उत्कृष्ट कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए आह्वान किया कि वे इसी समर्पण, प्रतिबद्धता एवं जनसहभागिता की भावना के साथ अपने-अपने जिलों में विद्यालय स्तरीय कार्यशालाओं का सफल आयोजन करें तथा राज्य शिक्षा विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सीसीआरटी की गतिविधियों एवं सांस्कृतिक शिक्षा कार्यक्रमों की पहुंच को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाएं।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा उनके योगदान की सराहना की गई। पंजाब के जिला स्रोत व्यक्ति हरदीप सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ। यह कार्यशाला भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन एवं भावी पीढ़ियों तक उसके प्रभावी संप्रेषण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल सिद्ध हुई।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट