नालंदा में पूर्व सीएम नीतीश कुमार के गृह क्षेत्र हरनौत में पुलिस वाहन की टक्कर में एक बाइक सवार की मौत के बाद भारी बवाल की खबर है। वाकया हरनौत थाना क्षेत्र चेरन पुल के पास पेश आया। मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद जब उसके गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। इसके बाद रूपसपुर गांव स्थित जीडीएम कॉलेज के पास NH-20 पर शव रखकर शुरू हुआ ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र आंदोलन में बदल गया। इससे लगभग तीन घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप रहा और पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। मौके पर जब पुलिस पहुंची तो लोगों टीम को देखते ही पत्थरबाजी शुरू कर दी जिसमें कई वाहन क्षत्रिग्रस्त हो गए। इसके बाद प्रदर्शन कारियों ने बीच सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब आक्रोशित भीड़ ने सड़क पर खड़ी कई गाड़ियों पर ईंट, पत्थर से हमला शुरू कर दिया। इससे कई निजी एवं पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। जाम में फंसे यात्रियों में भी अफरा-तफरी मच गई। पथराव की चपेट में आने से एक महिला बेहोश हो गई। बाद में उसे किसी तरह सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। आगजनी और पथराव के इस सारे बवाल के दौरान कुल 8 पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। इन सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर पुलिस वाहन की टक्कर से मारे गए युवक की पहचान कल्याण बिगहा थाना क्षेत्र के महतवर-बलवापर गांव निवासी पिंकू यादव के 22 वर्षीय पुत्र प्रद्युम्न कुमार के रूप में हुई है।
इसबीच सूचना पर वहां पहुंचे वरीय पदाधिकारियों ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने और शांतिपूर्ण तरीके से सड़क खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन जब स्थिति नियंत्रण से बाहर होती चली गई और पथराव तेज हो गया, तब पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और बल प्रयोग करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस ने लाठीचार्ज किया तथा आंसू गैस के गोले भी छोड़े। घटनास्थल पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पथराव के दौरान पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। पुलिस ने बताया कि फिलहाल वहां शांति बहाल कर दी गई है। अब पुलिस वीडियो के आधार पर आरोपियों को चिह्नित कर कार्रवाई की तैयारी में है।