पटना। बिहार विधान परिषद (MLC) की खाली सीटों के लिए चल रहे चुनावी घटनाक्रम के बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को बड़ा झटका लगा है। बिहार सरकार में मंत्री और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को एनडीए (NDA) की ओर से एमएलसी उम्मीदवार नहीं बनाया गया। सोमवार को नामांकन की आखिरी तारीख बीतने के बाद इस मुद्दे पर मीडिया से बातचीत में कुशवाहा ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ किया कि सीट न मिलने से वे नाराज नहीं हैं और एनडीए के साथ मजबूती से बने रहेंगे।
उम्मीदवारों की घोषणा के बाद मीडिया के तीखे सवालों का जवाब देते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने बेहद सधे हुए अंदाज में कहा, “एक एमएलसी सीट देने की बात कही गई थी, लेकिन नहीं मिली तो इसमें नाराजगी की कोई बात नहीं है। चलिए, वो मामला अब ओवर (खत्म) हो गया। जिन्हें भी टिकट मिला है, उन सभी को मेरी शुभकामनाएं हैं। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या दीपक प्रकाश अब भी मंत्री बने रहेंगे? इस पर कुशवाहा ने कहा कि एनडीए के नेताओं ने मिलकर उन्हें मंत्री बनाया था… जब तक के लिए बनाया है, वह मंत्री बने रहेंगे।” हालांकि, टिकट न मिलने के मुख्य कारणों के सवाल पर उन्होंने पत्रकारों से हंसते हुए कहा, ये सवाल तो आप पूछिएगा उनसे न (NDA के बड़े नेताओं से)…”
सोमवार को एनडीए उम्मीदवारों के नामांकन के दौरान उपेंद्र कुशवाहा की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को हवा दे दी। इस पर उनकी पार्टी के विधायक दल के नेता माधव आनंद ने डैमेज कंट्रोल करते हुए कहा कि इस विषय पर हम कुछ नहीं बोलेंगे। एनडीए पूरी तरह एकजुट है। नामांकन में उपेंद्र कुशवाहा जी व्यक्तिगत रूप से नहीं आए तो क्या हुआ, उनके प्रतिनिधि के रूप में मैं तो यहाँ आया हूँ।
बता दें कि बिहार में विधान परिषद की 9 सीटों पर नियमित चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव होना है, जिसके लिए सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बेटे को टिकट न मिलने के बावजूद उपेंद्र कुशवाहा का यह नरम रुख एनडीए के भीतर भविष्य के समीकरणों और राजनीतिक तालमेल को बनाए रखने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।