बिहार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री और महुआ से विधायक संजय सिंह ने तेज प्रताप यादव को 50 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया कि तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर मंत्री के खिलाफ झूठे, भ्रामक और मानहानि कारक आरोप लगाए। कहा गया कि 29 अगस्त को तेज प्रताप के सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट साझा की गई थी, जिसमें दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में एक महिला से दुर्व्यवहार और कथित लेनदेन की बात कही गई थी। अब इसी पर पलटवार करते हुए मंत्री ने न सिर्फ तेज प्रताप को नोटिस भेजा, बल्कि तीन महिलाओं का जिक्र कर तंज कसा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले वे अपना दामन झांक लें। कहीं खुद उनके ही दामन पर एक नहीं तीन—तीन दाग तो नहीं हैं।
क्या था होटल कांड का आरोप?
पूरा मामला 29 अगस्त को की गई तेज प्रताप यादव की एक सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ। तेज प्रताप यादव ने अपने X हैंडल पर पोस्ट कर आरोप लगाया था कि महुआ के विधायक और बिहार सरकार में मंत्री संजय सिंह ने दिल्ली के एक आलीशान होटल में एक महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और शोषण का प्रयास किया। होटल स्टाफ के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और बाद में करीब 25 लाख रुपये के लेन-देन कर मामले को रफा-दफा किया गया। तेज प्रताप ने पोस्ट में इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की। तेज प्रताप यादव के इन आरोपों से नाराज होकर मंत्री संजय सिंह ने 30 अगस्त को उन्हें कानूनी नोटिस भेज दिया।
मंत्री के नोटिस में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह झूठे, बेबुनियाद, मॉर्फ्ड तस्वीर के साथ पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण हैं। इससे मंत्री की सार्वजनिक छवि, प्रतिष्ठा और मानसिक शांति को ठेस पहुंचाने के लिए मांग की गई है कि तेज प्रताप 48 घंटे के भीतर आपत्तिजनक पोस्ट हटाएं और सार्वजनिक माफी मांगें। ऐसा न करने पर मानहानि का केस और 50 करोड़ रुपये हर्जाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मंत्री संजय सिंह ने नोटिस में तेज प्रताप के निजी जीवन से जुड़े तीन नामों का भी जिक्र करते हुए कहा है कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने दामन के दाग देख लेने चाहिए। विदित हो कि तेज प्रताप की जिंदगी में उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय, अनुष्का यादव और निशु सिन्हा को लेकर मीडिया और सोशल मीडिरूा पर काफी कुछ लिखा जा चुका है।