बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने मगध विवि के कुलपति प्रोफेसर शशि प्रताप शाही को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया है। लोकभवन से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा के आदेश से जारी आदेश में वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ दिलीप कुमार केसरी को मगध विश्वविद्यालय के कुलपति का प्रभार दिया गया है। औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने पिछले दिनों मगध विवि के कुलपति प्रोफेसर शशि प्रताप शाही पर गंभीर आरोप लगाए थे। पूर्व सांसद ने इसको लेकर प्रधानमंत्री और बिहार के राज्यपाल को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि विवि से डेढ़ सौ से 200 करोड़ रुपए की अवैध निकासी हुई है। माना जा रहा है कि इसी शिकायत के आलोक में प्रो. शशि प्रताप पर यह कार्रवाई की गई है।
विदित हो कि प्रोफेसर शशि प्रताप शाही का कार्यकाल 2 महीने पहले ही पूरा हो गया था। उन्हें उस वक्त एक्सटेंशन दे दिया गया था। लेकिन पूर्व सांसद के आरोप के बाद अब उन्हें उनके पद से हटा दिया गया है और विश्वविद्यालय के सीनियर प्रोफेसर डॉ दिलीप कुमार केसरी को फिलहाल कुलपति की जिम्मेदारी दी गई है। राज्यपाल सचिवालय की अधिसूचना के अनुसार स्थायी कुलपति की नियुक्ति या अगले आदेश तक वे कुलपति कार्यालय का कामकाज संभालेंगे। हालांकि नए कुलपति विश्वविद्यालय में कोई भी नीतिगत फैसला नहीं ले पाएंगे।प्रो. शशि प्रताप शाही को हटाए जाने के पीछे पिछले कुछ दिनों से चल रहा विवाद अहम कारण माना जा रहा है। पूर्व भाजपा सांसद सुशील सिंह ने खुलकर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने मगध विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और करोड़ों रुपये के गबन का गंभीर आरोप लगाया था। सुशील सिंह का दावा था कि विश्वविद्यालय में डेढ़ सौ करोड़ से लेकर दो सौ करोड़ रुपये तक की वित्तीय गड़बड़ी हुई है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।