राजद सुप्रीमो लालू यादव और पूर्व सीएम राबड़ी देवी की जेड श्रेणी की सुरक्षा फिर से बहाल कर दी गई है। इसको लेकर बीती देर शाम बिहार सरकार ने अधिसूचना भी जारी कर दी। अब लालू और राबड़ी की सिक्यूरिटी में 22 सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे। इसमें 4 से 5 राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड होते हैं। इस सुरक्षा घेरे के तहत वीआईपी को एक एस्कॉर्ट कार भी दी जाती है। इसके तहत अब दोनों को जेड श्रेणी की सुरक्षा में बुलेटप्रूफ वाहन समेत 22 जवानों की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। विदित हो कि करीब एक माह पहले बिहार सरकार ने वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। समीक्षा के बाद लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की जेड प्लस सुरक्षा को घटाकर जेड श्रेणी कर दिया गया था। इस फैसले से नाराज होकर दोनों नेताओं ने उन्हें उपलब्ध कराई गई शेष सरकारी सुरक्षा भी लौटा दी थी।
राज्य सरकार द्वारा लालू—राबड़ी की सुरक्षा घटाने के बाद बिहार की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर विवाद शुरू हो गया था। राजद के स्थापना दिवस के मौके पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से लेकर उपेंद्र कुशवाहा तक का नाम लेते हुए सरकार की सुरक्षा व्यवस्था और उसके मानकों पर सवाल खड़े किए थे। राजद का आरोप था कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की मंशा से उनकी सुरक्षा में कटौती की गई है। वहीं, बिहार सरकार के इस फैसले के विरोध में तेजस्वी यादव ने भी अपनी सरकारी सुरक्षा वापस कर दी थी।
सरकार के इस फैसले से नाराज होकर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी समेत लालू परिवार के सभी सदस्यों ने अपनी सरकारी सुरक्षा वापस कर दी थी। राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर तैनात सभी सुरक्षा कर्मियों को वापस लौटा दिया था। इसके बाद सांसद मीसा भारती और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी सरकारी सुरक्षा छोड़ दी थी। इस मुद्दे पर राजद ने आरोप लगाया था कि राजनीतिक कारणों से विपक्षी नेताओं की सुरक्षा में कटौती की गई है। सरकार ने लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा जेड प्लस से घटाकर जेड श्रेणी कर दी थी। इसके तहत उन्हें बिहार पुलिस की विशेष सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी, जिसमें एस्कॉर्ट वाहन, बुलेटप्रूफ कार और 8 से 16 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती शामिल थी। वहीं, पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की वाई (Y) श्रेणी की सुरक्षा भी समाप्त कर दी गई थी।