पटना से पूर्णिया कोर्ट जा रही कोसी एक्सप्रेस में बीती रात अचानक उस वक्त चीख—पुकार मच गई जब तेज रफ्तार ट्रेन की एक स्लीपर बोगी में भयंकर आग लग गई। नौबत यहां तक आ गई कि यात्रियों को कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी। तभी ट्रेन ड्राइवर ने गाड़ी रोक दी और गनीमत रही कि किसी तरह के जान माल का नुकसान नहीं हुआ। घटना के बाद रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। तुरंत ट्रेन ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए जिसके बाद आग पर काबू पाया गया। चलती ट्रेन में आगजनी की यह घटना मधेपुरा से मुरलीगंज जाने वाले मुख्य रेल मार्ग पर दिनापट्टी के पास हुई। बताया गया कि पटना से पूर्णिया कोर्ट जा रही कोसी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते स्लीपर बोगी नंबर एस 5 धुएं और लपटों से भर गई। इससे यात्रियों के बीच दहशत फैल गई।
यात्रियों ने कूदकर बचाई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोगी के निचले हिस्से से पहले हल्का धुआं निकलना शुरू हुआ। यात्रियों ने शोर मचाकर आग लगने की सूचना दी, लेकिन शुरुआती क्षणों में इसे नजरअंदाज कर दिया गया। कुछ ही मिनटों में धुआं भयंकर आग में बदल गया और पूरी बोगी में हड़कंप मच गया। जान बचाने के लिए यात्रियों ने चलती ट्रेन से कूदना शुरू कर दिया। मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन को तुरंत रोका गया। इसके बाद रेल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि इस भयावह हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन घटना ने रेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शी यात्री फुचुन कुमार ने बताया कि ‘पहले धुआं निकला, फिर अचानक आग भड़क गई। जान बचाने के लिए कूदना पड़ा, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही हैै।