पटना/मसौढ़ी : पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र के मणिचक के पास पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश हैदर मारा गया है। एनकाउंटर में गोली लगने के बाद उसे इलाज के लिए पटना के पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। पटना सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने हैदर की मौत की पुष्टि की है। इस मुठभेड़ में मसौढ़ी के प्रभारी थानाध्यक्ष राहुल कुमार और एएसआई (ASI) संजय कुमार भी गोली लगने से घायल हुए हैं। दोनों घायल पुलिसकर्मियों को बेहतर इलाज के लिए पटना एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है, जहां फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि बदमाशों ने एक युवक का अपहरण कर उसे मणिचक तालाब के पास रखा गया है। सूचना के आधार पर जब पुलिस की टीम बदमाशों को गिरफ्तार करने और युवक को छुड़ाने पहुंची, तो अपराधियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जिसके बाद पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ में जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से हुई इस गोलीबारी में प्रभारी थानाध्यक्ष और एएसआई घायल हो गए, जबकि जवाबी फायरिंग में कुख्यात हैदर को भी गोली लग गई। हालांकि, पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अगवा युवक को बदमाशों के चंगुल से सकुशल बरामद कर लिया है।
मारा गया बदमाश हैदर इलाके का बेहद खूंखार और सनकी अपराधी माना जाता था। उसके आतंक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ समय पहले मसौढ़ी के कोरियामा गढ़वा में एक क्रिकेट मैच के दौरान वह अंपायर के फैसले से नाराज हो गया था। इसके बाद उसने सरेआम मैदान पर ही अंपायर को गोलियों से भून डाला था। इस घटना के बाद से ही वह पुलिस के रडार पर था।
इस दुस्साहसिक घटना पर राजनीतिक गलियारे से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस को कार्रवाई के लिए पूरी छूट देते हुए अपराधियों पर नकेल कसने का निर्देश दिया था। फिलहाल पुलिस ने मृतक अपराधी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है।