चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर फैजल खान उर्फ खान सर ने अपने उपर दर्ज फायरिंग केस की एफआईआर को रद करवाने के लिए अब पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पटना की जिला अदालत ने खान सर को इस केस में अंतरिम राहत देते हुए उनकी गिरफ्तार पर रोक लगा दी थी। खान सर की तरफ से इस संबंध में हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर फायरिंग केस की एफआईआर रद कराने तथा उनके बंद किए गए कोचिंग संस्थान को पुनः संचालित करने की अनुमति देने की मांग की गई है। इस मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता फैजल खान की ओर से अदालत को बताया गया कि दर्ज प्राथमिकी निराधार है और इससे उनकी शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। साथ ही कोचिंग संस्थान को दोबारा खोलने की अनुमति देने की भी मांग की गई।
हाईकोर्ट ने बिहार सरकार से जवाब मांगा
दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार हफ्तों के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि सरकार का पक्ष आने के बाद मामले पर आगे विचार किया जाएगा। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब सभी की नजर बिहार सरकार के जवाब और अगली सुनवाई पर टिकी है।
उधर रौशन आनंद की ओर से जिला जज की अदालत में दायर जमानत याचिका पर भी सुनवाई होेने वाली है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद की रिहाई के लिए उनके छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका सवाल है कि खान सर को बेल और रौशन आनंद को जेल क्यों भेजा गया। वहीं फैजल खन के दोनों अंगरक्षकों की जमानत याचिका पर आज फिर से सुनवाई होगी। एक दिन पहले कोर्ट ने केस डायरी और दोनों अंगरक्षकों का आपराधिक इतिहास मांगा था।
खान सर के वकील ने क्या-क्या कहा
विदित हो कि एक दिन पहले ही गोलीबारी मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली थी। अदालत ने फैसल खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दीथी। सोमवार को खान सर की ओर से पटना के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। उनके अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने कोर्ट में यह अर्जी लगाई थी। वकील ने आरोप लगाया कि पटना पुलिस ने गलत आरोप लगाकर उनपर प्राथमिकी दर्ज की है। पूरी एफआईआर ही गलत है। उन्होंने गोली चलाने का आदेश भी नहीं दिया है। उनकी वजह से गोली भी नहीं चली। उन्हें फंसाया जा रहा है। इसलिए वह सरेंडर नहीं करेंगे।