पेपर लीक के विरोध में बीते दिन पटना समेत बिहार के 18 जिलों मेंं हुए प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के बाद अब बिहार पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। CCTV और वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने 117 संदिग्धों की तस्वीरें जारी की हैं। इन सभी पर पुलिस पर पथराव करने, बैरिकेड तोड़ने और उपद्रव मचाने का आरोप है। इनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और उनकी पहचान बताने पर बिहार पुलिस ने 10 हजार का इनाम भी घोषित किया है। गुरुवार को उपद्रवियों ने आन्दोलन के नाम पर राजधानी पटना के अलावा मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, कटिहार, जहानाबाद आदि कुल 18 जिलों में जमकर उत्पात मचाया था और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ। इधर आज शुक्रवार को भी प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पटना समेत पूरे राज्य में प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
वहीं दूसरी तरफ AISA और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है। सूत्रों के अनुसार बिहार बंद के दौरान बड़े स्तर पर प्रदर्शन और तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन आज से ही पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह के उपद्रव पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बिहार पुलिस के अनुसार, बुधवार और गुरुवार को विभिन्न जिलों में हुए उग्र प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में सिर्फ पटना के तीन थानों में करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं, पटना शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 21 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
पटना पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, हिंसा, उपद्रव, जानलेवा हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अब तक 57 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 117 प्रदर्शनकारियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इसबीच बिहार पुलिस मुख्यालय ने विशेष विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आज 24 जुलाई से ही राज्य भर के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। केवल विशेष परिस्थितियों में ही उन्हें अवकाश की अनुमति दी जाएगी। दूसरी तरफ आइसा ने आज 24 जुलाई को पूरे बिहार में प्रतिरोध दिवस मनाने की राज्य की जनता से अपील की है।