दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजद सुप्रीमो लालू यादव, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर अपना फैसला फिलहाल टाल दिया है। ED ने इस मामले में लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती, हेमा यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। कोर्ट ने आज की सुनवाई में भी कुल 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने में अपना फैसला एक बार फिर टाल दिया। अब अदालत 10 सितंबर को इसपर अपना आदेश सुनाएगी।
कई बार टल चुका है फैसला
इस मामले में आरोप तय करने को लेकर अदालत पहले भी कई तारीखों पर फैसला टाल चुकी है। स्पेशल जज विशाल गोगने की अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोप तय करने के मुद्दे पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद 13 फरवरी, 6 मई, 22 मई, 9 जून, 16 जुलाई, 31 जुलाई और 14 अगस्त को भी फैसला नहीं हो सका। 29 अगस्त को हुई सुनवाई में अदालत ने अगली तारीख 7 सितंबर तय की थी। अब आज सोमवार की सुनवाई के बाद एक बार फिर आदेश टल गया है और नई तारीख 10 सितंबर तय की गई है।
ED ने दाखिल की है चार्जशीट
इस मामले में ED ने लालू प्रसाद यादव परिवार समेत कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। आरोप है कि IRCTC के तहत रांची और पुरी में संचालित दो होटलों के टेंडर आवंटन में कथित तौर पर अनियमितताएं हुई थीं। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। इसी कथित लेनदेन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की ED जांच कर रही है।आरोपों के मुताबिक IRCTC के रांची और पुरी स्थित होटलों के संचालन का ठेका निजी कंपनियों को दिया गया था। इसमें टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियां की गईं और इसके बदले निजी लाभ पहुंचाने का रास्ता तैयार किया गया। इस मामले में CBI ने भी भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जांच की है। वहीं ED ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं पर कार्रवाई की है।