गयाजी में एक शादी वाले घर में उस समय अफरातफरी मच गई, जब खाना—पीना के बाद अचानक कई लोग एकसाथ बीमार पड़ने लगे। तिलक समारोह में भोजन करने के कुछ देर बाद लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। इसके बाद परिजनों व ग्रामीणों की मदद से पीड़ितों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुआ में भर्ती कराया गया। कुछ लोग निजी क्लीनिकों में भी इलाज करवा रहे हैं। वाकया गुरुआ थाना क्षेत्र के धाना बिगहा गांव का है जहां एक तिलक समारोह में भोजन करने के बाद लगभग 50 से अधिक लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। भोजन करने के कुछ देर बाद ही लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी।
जब एक के बाद एक लोग बीमार पड़ने लगे तब वहां अफरातफरी मच गई। इसके बाद परिजनों व ग्रामीणों की मदद से पीड़ितों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुआ में भर्ती कराया गया। कुछ लोग निजी क्लीनिकों में भी इलाज करा रहे हैं। सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस भेजकर मरीजों को अस्पताल लाया गया तथा सभी का उपचार किया जा रहा है। एक साथ इतने मरीजों के पहुंचने से स्वास्थ्य महकमे में भी हड़कंप मच गया।डॉक्टरों ने बताया कि अधिकांश मरीजों की स्थिति सामान्य है। कोई ज्यादा खतरे वाली बात नहीं है। डॉ. नीतीश कुमार की देखरेख में मेडिकल टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है। राहत की बात यह है कि त्वरित इलाज मिलने के कारण सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार प्राइमरी स्कूल हब्बीपुर में नियुक्त शिक्षक रमेश दास के भगिना का तिलक कार्यक्रम शाम में था। तिलक समारोह में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे और उन सभी के लिए भोज की व्यवस्था की गयी थी। भोजन शुरु हुआ और इसके ठीक बाद ही एक-एक कर लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। सभी को उल्टी और दस्त होने लगा जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों नें बताया कि लोगों को अचानक उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बेचैनी होने लगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले पर नजर बनाए हुए है। मेडिकल टीम डॉक्टरों के साथ गांव में कैंप कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने तैयार भोजन और सामग्री का सैंपल कलेक्ट किया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम उनकी जांच कर रही है।