दिवाली की धूम के बीच राजधानी पटना समेत बिहार के 10 शहरों में वायू प्रदूषण खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है। पटाखों के धुएं और धूम—धड़ाके ने हवा को दूषित कर दिया है। रोशनी और खुशियों के इस त्योहार के दौरान लगातार हो रही आतिशबाजी से जहरीले कण वातावरण में घुलकर हवा को जहरीली बना रहे हैं। राजधानी पटना में दिवाली से एक दिन पहले ही AQI स्तर 248 को पार कर गया है। जबकि अभी कल दीपावली से लेकर छठ तक होने वाली आतिशबाजी का दौर बाकी ही है। ऐसे हालात में लोगों के लिए सांस लेना दिन प्रतिदिन मुश्किल होने वाला है, खासकर आफिस टाइम के समय पटना की सड़कों पर निकलने वालों के लिए बहुत बुरी स्थिति होने वाली है।
दस शहरों में हवा हुई बेहद खराब
अगर मौजूदा समय में राज्य में वायू गुणवत्ता सूचकांक के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिहार के दस प्रमुख शहरों में AQI का स्तर काफी ऊंचा दर्ज किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक बक्सर में एक्यूआई का ग्राफ 441 तक पहुंच गया है। AQI स्तर का यह नंबर स्वास्थ्य के लिए बेहद गंभीर स्थिति माना जाता है। इसके साथ ही बेतिया में AQI 364, मोतिहारी में AQI 357, मुजफ्फरपुर का AQI 325, सिवान का 326 और सासाराम में AQI स्तर का आंकड़ा 326 दर्ज हुआ है। वहीं राजधानी पटना की स्थिति भी AQI के मामले में चिंताजनक होती जा रही है। यहां गाड़ियों की संख्या अधिक होने और सघन आबादी के कारण स्थिति शीघ्र ही विस्फोटक हो जाए तो कोई आश्चर्य नहीं है।
बक्सर में वायु सबसे प्रदूषित
इसके साथ ही राज्य के अन्य प्रमुख जिलों जैसे—दरभंगा में AQI 300, समस्तीपुर में 289, भागलपुर में 268 और राजधानी पटना में यह 248 तक दर्ज किया गया है। वायु गुणवत्ता में प्रदूषण के AQI स्तर के ये ऊंचे आंकड़े गंभीर चिंता पैदा करते हैं। हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि अलग-अलग निगरानी प्लेटफॉर्म और समय के अनुसार एक्यूआई के इन आंकड़ों में कुछ बदलाव भी देखने को मिल सकता है। राजधानी पटना में दिवाली के दौरान पटाखों की आतिश बाजी से निकलने वाला धुआं हवा में प्रदूषक कणों की मात्रा को लगातार बढ़ा सकता है। इसका सीधा और सबसे बुरा असर उन लोगों पर पड़ता है, जिन्हें पहले से सांस लेने में गंभीर परेशानी की समस्या है। क्योंकि पटाखों के जलने से केवल वायु प्रदूषण ही नहीं फैलता, बल्कि इसके धमाकों से ध्वनि प्रदूषण भी खतरनाक स्तर तक बढ़ता है।