बिहार कैडर की पूर्व IPS काम्या मिश्रा की जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से पटना में मुलाकात के बाद सियासी अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। दोनों के बीच इस मुलाकात के बाद JDU में उनकी एंट्री की बातें चल पड़ी हैं। वर्ष 2019 बैच की बिहार कैडर की आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा दरभंगा ग्रामीण एसपी के तौर पर ‘लेडी सिंघम’ के नाम से चर्चित रहीं हैं। अगस्त 2024 में उन्होंने अपनी पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद मार्च 2025 में उनके इस्तीफे को सरकार से मंजूरी मिल गई। इसके बाद अब वे बीते दिन पटना में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से मिलने पहुंची तो उनके जदयू ज्वाइन करने की बात कही जाने लगी।

हालांकि संजय झा ने इसे दिवाली की शुभकामनाओं से जुड़ी महज एक शिष्टाचार भेंट मात्र ही कहा। लेकिन दोनों की इस मुलाकात की एक तस्वीर सार्वजनिक होने के बाद सियासी हलकों में यह माना जा रहा है कि वे शीघ्र ही जदयू ज्वाइन कर सकती हैं। काम्या मिश्रा के राजनीति में आने की अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा तो नहीं हुई है, लेकिन जदयू सूत्रों ने भी संकेत दिया है कि वे जल्दी ही राजनीति में आ सकती हैं। काम्या मिश्रा मूल रूप से ओड़िसा की रहने वाली हैं और पुलिस सेवा से इस्तीफे के बाद से वे फिलहाल ओड़िसा में ही अपने पिता के कारोबार की देखभाल कर रही हैं। काम्या मिश्रा की शादी उनके ही बैच के आईपीए अवधेश दीक्षित के साथ हुई है जो अभी वर्तमान में भोजपुर के एसपी हैं।
असल में बिहार में पुलिस अधिकारियों का राजनीति में आना कोई नई बात नहीं है। 1987 बैच के बिहार कैडर आईपीएस सुनील कुमार पटना में एसएसपी और बाद में डीजी स्तर तक पहुंचे। अपने रिटायरमेंट के बाद उन्होंने जनता दल यूनाईटेड जॉइन कर लिया और इसके बाद वे 2020 और 2025 में भोरे विधानसभा सीट से जीते और बिहार के शिक्षा मंत्री बने। इसी तरह शिवदीप लांडे, आनंद त्रिपाठी, राकेश मिश्रा समेत कई और भी नाम हैं जिन्होंने अफसरी छोड़ राजनीति की राह पकड़ी। फिलहाल काम्या मिश्रा के बारे में पता चला है कि नौकरी छोड़ने के बाद भी बिहार से उनका लगाव बना हुआ है। वे अक्सर अपने पति के पास आती जाती रहती हैं। इसके साथ ही वे अभी अपने पिता के स्टील बिजनेस को भी बतौर कंपनी के डायरेक्टर संभाल रही हैं।
