पटना,12 जून। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि राजस्व विभाग अब पूरी तरह डिजिटल मोड में कार्य कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सभी राजस्व सेवाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए प्रत्येक जिले में तकनीकी टीम गठित की जाएगी, जो विभागीय कार्यों की निगरानी करने के साथ मुख्यालय की आईटी टीम से समन्वय स्थापित करेगी।
जिलावार समीक्षा के अंतिम दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अररिया, लखीसराय और जमुई जिले के राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी और अन्य ऑनलाइन सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डॉ. जायसवाल ने बताया कि न्यायालयीन मामलों के प्रभावी निष्पादन और निर्देशों के अनुपालन के लिए प्रत्येक जिले में वरीय अधिकारी की अध्यक्षता में एक स्पेशल सेल गठित करने की योजना है। यह सेल लंबित मामलों की समीक्षा कर उनके त्वरित निष्पादन को सुनिश्चित करेगा।
समीक्षा के दौरान दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन मामलों में बड़ी संख्या में आवेदनों को रिवर्ट किए जाने पर मंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों की सैंपल जांच कराई जाए तथा बिना स्पष्ट और वैध कारण के किसी भी आवेदन को वापस न किया जाए। जांच रिपोर्ट शीघ्र मुख्यालय को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में म्यूटेशन डिफेक्ट चेक, ऑनलाइन दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा-2, राजस्व महाअभियान, जन शिकायतों, सहयोग शिविरों से प्राप्त आवेदनों तथा न्यायालयीन मामलों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रतिदिन प्राप्त होने वाले नए आवेदनों से अधिक मामलों का निष्पादन कर लंबित मामलों में लगातार कमी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।