बिहार में पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में भी फर्जीवाड़ा और जालसाजी का मामला सामने आने के बाद पटना पुलिस ने मुंगेर पुलिस के सहयोग से बड़ी कार्रवाई की है। मुंगेर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से पुलिस ने 15 मुन्नाभाइयों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपितों को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले जाया गया है। हाल में हुई सिपाही भर्ती परीक्षा के बाद जांच में सामने आया कि परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों के स्थान पर दूसरे लोगों द्वारा परीक्षा दी गई और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अवैध तरीके से चयन सुनिश्चित कराने का संगठित प्रयास किया गया। इसी मामले में फरार चल रहे आरोपितों की तलाश में पटना पुलिस की टीम मुंगेर पहुंची थी।
दो अलग-अलग कांडों में चल रही थी जांच
गिरफ्तार आरोपितों में बरियारपुर थाना क्षेत्र के काजीचक रतनपुर निवासी राजा बाबू, शामपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर निवासी रौशन कुमार, लोहची निवासी सत्यम कुमार, शिवपुर लौंगाय निवासी गोपाल कुमार, सफियासराय थाना क्षेत्र के महमदपुर फरदा निवासी छोटू कुमार एवं वरुण कुमार, बांक फरदा निवासी रंजन कुमार और कासिम बाजार थाना क्षेत्र के नवटोलिया निवासी सुधीर कुमार शामिल हैं। इनके अलावा तारापुर अनुमंडल से संग्रामपुर थाना क्षेत्र के ददरीजाला निवासी सन्नू कुमार, हरपुर थाना क्षेत्र से बलराम कुमार और मिथुन कुमार, तारापुर थाना क्षेत्र के काजीचक मिल्की निवासी राहुल कुमार, मोहंगंज निवासी सुभाष पासवान तथा महापुर निवासी रामजीवन कुमार तांती को गिरफ्तार किया गया है।
यह कार्रवाई सचिवालय थाना कांड संख्या 160/25 और गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 76/25 के तहत दर्ज मामलों में की गई है। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली थी कि सिपाही भर्ती परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों से परीक्षा दिलाई गई थी। इसके अलावा फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अवैध तरीके से चयन सुनिश्चित कराने की भी कोशिश की गई थी। पुलिस का कहना है कि भर्ती परीक्षा में धांधली से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं। यह कार्रवाई सचिवालय थाना कांड संख्या 160/25 और गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 76/25 के तहत दर्ज मामलों में की गई है। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली थी कि सिपाही भर्ती परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों से परीक्षा दिलाई गई थी। इसके अलावा फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अवैध तरीके से चयन सुनिश्चित कराने की भी कोशिश की गई थी।
मुंगेर के एसपी इमरान मसूद ने बताया कि पटना में दर्ज 2 मामलों के फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पटना पुलिस की टीम मुंगेर आई थी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से सभी 15 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है, और भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही हैं पुलिस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हैं। सभी आरोपितों को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले जाया गया है। पुलिस का कहना है कि भर्ती परीक्षा में धांधली से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं।