Patna : बिहार सरकार राज्य की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, डिजिटल और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए एक मेगा विस्तार योजना लागू करने जा रही है। परिवहन विभाग के सचिव राजकुमार के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ राज्य में प्रदूषण मुक्त सफर को बढ़ावा देना है। इसके लिए अंतरराज्यीय और आंतरिक बस सेवाओं के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने की बात हो रही है। विभाग के अनुसार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत अन्य राज्यों के लिए बिहार के विभिन्न शहरों से 149 एसी बसों का परिचालन जल्द शुरू किया जाएगा।
इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित कर रही है, जिससे लोग घर बैठे मोबाइल पर अपनी बस की लाइव लोकेशन और पहुंचने का समय देख सकेंगे। राज्य में अब सभी नए बस स्टैंड पीपीपी (PPP) मोड पर बनाए जाएंगे। इसके तहत राज्य के छह प्रमुख जिलों (पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया) में इसी महीने 200 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होगा। इनमें से 150 बसें पटना में और 50 बसें अन्य पांच जिलों में चलाई जाएंगी। परिवहन विभाग ने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने के लिए नई EV नीति लागू की है।
योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पर 10,000 रुपये का अनुदान, एससी-एसटी वर्ग के लिए 12,000 रुपये का अनुदान, महिलाओं को इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर 1 लाख रुपये तक का अनुदान और इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटर वाहन कर में 50% तक छूट दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक नई गाड़ियों में कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की हो। राज्यभर में बड़े पैमाने पर ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए अलग-अलग अनुदान का प्रावधान किया गया है।
वहीँ, अब शहरों और राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गों (Highways) पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के ऑटोमैटिक चालान कटेंगे। ई-चालान के आसान भुगतान के लिए ‘भारत बिल पेमेंट सिस्टम’ (BBPS) सेवा शुरू की जा रही है, जिससे लोग UPI, QR कोड, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या मोबाइल बैंकिंग से तुरंत भुगतान कर सकेंगे। साथ ही, अब ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और अन्य परिवहन सेवाओं के लिए लोग अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से भी आवेदन कर सकेंगे।