Bhojpur : भोजपुर पुलिस ने भरत तिवारी मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) पर लगे धमकी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया और कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रही खबरों का खंडन करते हुए एसपी कार्यालय ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इन आरोपों को पूरी तरह से भ्रामक, तथ्यहीन और निराधार बताया है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि एसपी ने मृतक के भाई चंदन तिवारी को अलग ले जाकर धमकाया था।https://x.com/bhojpur_police/status/2070845832505831483?s=20
पुलिस के अनुसार, एसपी भोजपुर मृतक भरत तिवारी के घर केवल पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करने और घटना की निष्पक्ष जांच के लिए उनका पक्ष जानने गए थे। उनका मकसद परिवार को यह भरोसा दिलाना था कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी। इस दौरान शाहपुर थाने की एक महिला पुलिसकर्मी भी घर के मुख्य दरवाजे पर तैनात थीं। बातचीत के दौरान खुद मृतक के परिजनों ने ही एसपी से भीड़ से थोड़ा अलग हटकर बात करने का अनुरोध किया था।
इसी अनुरोध पर वे लोग महज 3 से 4 कदम दूर गए और सामान्य माहौल में बातचीत हुई, जहां परिवार ने अपनी सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग रखी। इस बातचीत को गलत तरीके से पेश कर ‘धमकी’ का रूप दे दिया गया, जो कि पूरी तरह गलत है।भोजपुर पुलिस ने साफ किया कि एसपी द्वारा किसी भी तरह की धमकी या दबाव बनाने की कोई बात नहीं हुई है। पुलिस का मानना है कि चंदन तिवारी ने जो बयान दिया है, वह किसी बाहरी व्यक्ति के बहकावे में आकर दिया गया प्रतीत होता है।
हालांकि, पुलिस ने किसी संगठन या व्यक्ति के नाम का खुलासा नहीं किया है। पुलिस प्रशासन भरत तिवारी के परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ा है और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है। आम जनता से अपील की जाती है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर चल रही अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें। अफवाहों से बचने और जांच को सही दिशा में रखने के लिए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।