पिछली दो रातों से भागलपुर और आसपास के जिलों में मौसम ने ऐसा तांडव मचाया है कि आंधी—तूफान और वज्रपात की चपेट में आने से 10 लोगों की जान चली गई। अकेले भागलपुर में 7 जबकि मुंगेर में एक महिला और खगड़िया में 2 किसानों ने जान गंवाई। सोमवार और मंगलवार की रात इन तीनों जिलों में आए तूफान ने लोगों के जीवन को पूरी तरह तहस—नहस कर डाला। इस दौरान 140 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवाओं ने कई पेड़ उखाड़ दिये, घरों की दीवारें गिरा दीं। इसके बाद शुरू हुई बारिश और वज्रपात ने लोगों का जीना हराम कर दिया। सबसे ज्यादा तबाही भागलपुर में हुई जहां तेज तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया। सोमवार देर रात 140 किलोमीटर की रफ्तार वाले तूफान ने अलग—अलग इलाकों में 7 लोगों की जान ले ली।
जानकारी के अनुसार खरीक के राघोपुर में एक शख्स हरिलाल मंडल गिरते हुए पेड़ की चपेट में आ गए, इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं नवगछिया के जपतेली में एक किराना दुकानदार आंधी से घबराकर छत से नीचे गिर गए। उनकी भी मौत हो गई। वहीं महादेवापुर में घाट के करीब नाव से लौट रहे एक नौजवान संतोष की भी मौत की खबर है। भागलपुर डीएम के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में तेज आंधी के कारण बड़ी तादाद में पेड़ गिर गए हैं और सड़कें बंद हो गईं हैं। पूरे जिले में करीब 100 बिजली के खंभे उखड़ गए जिससे आपूर्ति बाधित हो गई है। खबर है कि अभी भी भागलपुर शहर में बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम किया जा रहा है। इधर आज 27 और कल 28 मई के लिए भी मौसम विभाग ने भागलपुर समेत कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।
भागलपुर के अलावा खगड़िया में भी आंधी और तूफान ने भारी तबाही मचाई है। यहां मुफस्सिल थाना के मथार गांव के बहियार में परवल की खेती की रखवाली कर रहे दो किसान वज्रपात की चपेट में आ गए जिससे उनकी मौत हो गई। इसी तरह मुंगेर में भी कासिम बाजार थानाक्षेत्र में आंधी से एक घर की दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो जाने की सूचना है। इसबीच पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने आज अपडेट जारी कर बताया है कि अगले 24 घंटों में भागलपुर के साथ-साथ मुंगेर, जमुई, बांका और खगड़िया में भी 28 मई को आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 29 मई को जमुई, बांका, मुंगेर, खगड़िया के साथ-साथ भागलपुर में भी 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 29 मई के लिए भागलपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।